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Hantavirus: चूहों से फैलने वाला खतरनाक वायरस, इसकी दवा भी नहीं; जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

Hantavirus: चूहों से फैलने वाला खतरनाक वायरस, इसकी दवा भी नहीं; जानिए लक्षण और बचाव के तरीके
Hantavirus: चूहों से फैलने वाला खतरनाक वायरस, इसकी दवा भी नहीं; जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

हंता वायरस चूहों से फैलने वाला खतरनाक संक्रमण है, जो सांस और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है। संक्रमित चूहों के मल, पेशाब और लार के संपर्क से इसका खतरा बढ़ता है। फिलहाल इसकी कोई वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है, इसलिए बचाव और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।

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Hantavirus: कोरोना महामारी के बाद दुनिया पहले ही वायरसों को लेकर ज्यादा सतर्क हो चुकी है। ऐसे में अब हंता वायरस (Hantavirus) को लेकर भी लोगों के बीच चिंता बढ़ रही है। यह वायरस कोई नया संक्रमण नहीं है, लेकिन इसकी गंभीरता और जानलेवा असर इसे बेहद खतरनाक बनाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कुतरने वाले जीवों से इंसानों में फैलता है।

कैसे फ़ैल रहा हंता वायरस

विशेषज्ञों के अनुसार चूहों के मल, पेशाब और लार में मौजूद वायरस सूखने के बाद हवा में मिल जाता है। जब इंसान संक्रमित कणों को सांस के जरिए शरीर में लेता है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इंसान से इंसान में इसका फैलना बेहद दुर्लभ माना जाता है, लेकिन दक्षिण अमेरिका में एंडीज वायरस के कुछ मामलों में ऐसा देखा गया है।

हंता वायरस के लक्षण

WHO के मुताबिक हंता वायरस कई प्रकार के होते हैं और हर वायरस का असर अलग हो सकता है। अमेरिका में यह वायरस हंता वायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS) नाम की गंभीर बीमारी पैदा करता है। इसमें मरीज को तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी और फेफड़ों में पानी भरने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है और इसकी मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक बताई गई है।

वहीं यूरोप और एशिया में हंता वायरस से हेमरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (HFRS) नाम की बीमारी देखने को मिलती है। इस बीमारी में लो ब्लड प्रेशर, किडनी फेल होना और शरीर में अंदरूनी रक्तस्राव जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

शुरुआती लक्षण वायरल बुखार जैसे

हंता वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे ही होते हैं। संक्रमित व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी और मतली की शिकायत हो सकती है। यही वजह है कि कई बार लोग शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

फिलहाल नहीं है कोई दवा

सबसे चिंता की बात यह है कि फिलहाल हंता वायरस के लिए कोई विशेष वैक्सीन या एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मरीज की हालत के अनुसार इलाज करते हैं और सांस, दिल तथा किडनी से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज और आईसीयू सुविधा मिलने से मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को साफ-सफाई रखने, घरों में चूहों की संख्या नियंत्रित करने और संक्रमित जगहों की सफाई करते समय मास्क व दस्ताने पहनने की सलाह दे रहे हैं।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।