Vande Matram: पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत के बाद केंद्र सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
कैबिनेट का बड़ा फैसला
सरकार ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस बदलाव के लागू होने के बाद वंदे मातरम पर वही नियम और कानूनी प्रावधान लागू होंगे, जो अभी जन गण मन पर लागू हैं।
कैबिनेट बैठक में मौजूद मंत्रियों ने इस फैसले को देश के गौरव से जुड़ा कदम बताया और प्रधानमंत्री को बंगाल में मिली जीत के लिए बधाई भी दी।
अपमान पर हो सकती है जेल
वर्तमान कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान या राष्ट्रगान का अपमान करने पर जेल या जुर्माने की सजा का प्रावधान है। अब प्रस्तावित संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम’ को भी इसी कानूनी दायरे में शामिल किया जाएगा। यानी अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसे भी तीन साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर सजा और सख्त हो सकती है।
150वीं वर्षगांठ
सरकार के इस फैसले के पीछे एक अहम वजह यह भी बताई जा रही है कि देश इस समय ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है।
यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित है और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में इसे समान दर्जा देने की मांग लंबे समय से उठती रही है।
संसद में पहले भी उठी थी मांग
पिछले साल दिसंबर में संसद में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा के दौरान भी इसे राष्ट्रगान के बराबर दर्जा देने की मांग उठी थी।
अब कैबिनेट के इस फैसले के बाद यह मांग ठोस रूप लेती नजर आ रही है।