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Nagpur News: खेतों में फसल का कचरा जलाने पर सख्त रोक, नागपुर प्रशासन ने जारी किया आदेश

Nagpur News: खेतों में फसल का कचरा जलाने पर सख्त रोक, नागपुर प्रशासन ने जारी किया आदेश
Nagpur crop residue burning ban: नागपुर में खेतों में कृषि कचरा जलाने पर प्रशासन ने लगाया सख्त प्रतिबंध (Image: AI)

Nagpur crop residue burning ban: नागपुर जिले में खेतों में फसल अवशेष जलाने पर प्रशासन ने सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला धामणगांव में लगी भीषण आग के बाद लिया गया, जिसमें कई घर जल गए थे। प्रशासन का कहना है कि कृषि कचरा जलाने से आग, प्रदूषण और मिट्टी को नुकसान होता है। नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Asfi Shadab
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खेतों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला

Nagpur crop residue burning ban: नागपुर। भिवापुर तहसील से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित धामणगांव (विद्यामंदिर) में 2 मई को भड़की भीषण आग ने कई घरों को राख कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव के पास खेत में फसल अवशेष जलाने से उठी आग तेज हवा के कारण बस्ती तक फैल गई।

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत नागपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खुले में किसी भी प्रकार का कृषि कचरा — जिसमें कड़बा, भूसा और अन्य फसल अवशेष शामिल हैं — जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।

क्यों खतरनाक है यह प्रथा?

नागपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाना एक पुरानी परंपरा रही है। लेकिन यह आग अक्सर नियंत्रण से बाहर हो जाती है और वन क्षेत्र, पशुधन, घर तथा मानव जीवन को खतरे में डालती है। इसके अलावा इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है और भूमि की उर्वरता घटने से किसानों को आर्थिक नुकसान भी होता है।

फसल अवशेष जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

उल्लंघन पर क्या होगा?

आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को वैकल्पिक अवशेष प्रबंधन के तरीकों के प्रति जागरूक करें और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं।

धामणगांव अग्निकांड के पीड़ितों की स्थिति और राहत कार्य को लेकर प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी अपेक्षित है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।