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आदिवासी छात्रों की पढ़ाई के लिए सरकार का बड़ा कदम
Maharashtra Cabinet tribal education decision: मुख्यमंत्री सचिवालय | मंत्रिमंडल के निर्णय (कुल – 3)
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े तीन अहम फैसले लिए गए, जो आदिवासी विद्यार्थियों से लेकर तकनीकी शिक्षा तक को प्रभावित करेंगे।
आदिवासी विकास विभाग
दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रिमंडल ने पाँच प्राथमिक आश्रमशालाओं को माध्यमिक स्तर तक और 19 माध्यमिक आश्रमशालाओं को उच्च माध्यमिक (कनिष्ठ महाविद्यालय) स्तर तक उन्नत करने की मंजूरी दी है। इस फैसले से आदिवासी बच्चों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और बीच में पढ़ाई छोड़ने की समस्या कम होगी। आवश्यक शिक्षक व कर्मचारी पदों के सृजन और उनके खर्च की व्यवस्था को भी साथ ही स्वीकृति दी गई है।
सोलापुर और तुलजापुर में तकनीकी शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती
उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग — सोलापुर
सोलापुर में एक नए शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय की स्थापना को हरी झंडी दी गई है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से यहाँ तीन पाठ्यक्रम शुरू होंगे — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस, और इलेक्ट्रॉनिक्स। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग — तुलजापुर
तुलजापुर स्थित श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग कॉलेज को राज्य सरकार के अधीन लेने का फैसला किया गया है। इस कदम से महाविद्यालय का सशक्तिकरण होगा और भविष्य में आधुनिक तथा रोजगारमुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएँगे।
तीनों निर्णयों के क्रियान्वयन की दिशा में संबंधित विभाग जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
मुंबई/सोलापुर, 5 मई 2026। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम निर्णय लिए, जिनका सीधा असर आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों पर पड़ेगा।
आदिवासी आश्रमशालाओं का उन्नयन
आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित पाँच प्राथमिक और 19 माध्यमिक अनुदानित आश्रमशालाओं को उच्च श्रेणी में उन्नत करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत प्राथमिक विद्यालयों को माध्यमिक स्तर तक और माध्यमिक विद्यालयों को कनिष्ठ महाविद्यालय स्तर तक उन्नत किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक पदों की सृजन और संबंधित खर्च की स्वीकृति भी सरकार ने प्रदान कर दी है। इस कदम से विशेष रूप से पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी बच्चों की शिक्षा को गति मिलने की उम्मीद है।
सोलापुर पॉलिटेक्निक में तीन नए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम
उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत सोलापुर के शासकीय पॉलिटेक्निक में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से तीन नए डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम की प्रवेश क्षमता 60 निर्धारित की गई है। यह निर्णय सोलापुर और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगा।
तुलजापुर इंजीनियरिंग कॉलेज का हस्तांतरण
धाराशिव जिले के तुलजापुर स्थित श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग महाविद्यालय को महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरित करने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार इससे संस्थान का सशक्तिकरण होगा और छात्रों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से प्रारंभ होने की संभावना है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र