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नागपुर में शिक्षकों का विरोध, खाली पदों पर भर्ती की मांग तेज

नागपुर में शिक्षकों का विरोध, खाली पदों पर भर्ती की मांग तेज
Nagpur education department 400 vacant posts teachers protest: नागपुर में 400 खाली पदों को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज (Photo: RB / Jassi)

Nagpur education department 400 vacant posts teachers protest: नागपुर के शिक्षण विभाग में 400 पद खाली होने से काम का दबाव बढ़ गया है। इस समस्या को लेकर शिक्षकों ने बोर्ड ऑफिस के बाहर शांतिपूर्ण विरोध किया। उनका कहना है कि भर्ती होने से काम का बोझ कम होगा। सरकार से कई बार मांग के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे नाराजगी बढ़ रही है।

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Asfi Shadab
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खाली पदों के कारण बढ़ता काम का दबाव

Nagpur education department 400 vacant posts teachers protest: नागपुर। शिक्षण विभाग के बोर्ड ऑफिस में लगभग 400 पद खाली पड़े हैं और सरकार द्वारा इन पदों पर अब तक कोई भर्ती नहीं की गई है। इसके चलते बोर्ड ऑफिस में कार्यरत कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव बना हुआ है।

इस समस्या के विरोध में आज कर्मचारियों ने बोर्ड ऑफिस के बाहर बैठकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मांग है कि सरकार 400 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करे, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ कम हो सके।

कर्मचारियों का कहना है — “यदि 400 लोगों की भर्ती होती है तो हमारे ऊपर काम का प्रेशर कम रहेगा।”

भर्ती की मांग को लेकर शिक्षकों का विरोध

कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने बच्चों को इस आंदोलन से दूर रखा है और यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है।

अब देखना यह होगा कि सरकार कर्मचारियों की इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।