मीरा रोड में ‘लोन वुल्फ’ हमला
Mira Road stabbing case: मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुई चाकूबाजी की घटना ने पूरे राज्य में चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में एक युवक ने दो सुरक्षा गार्ड्स पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। अब इस घटना की जांच महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) कर रही है और कई अहम पहलुओं पर जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम ज़ैब ज़ुबैर अंसारी है। वह कुछ समय पहले अमेरिका से भारत लौटा था। अमेरिका में उसे नौकरी नहीं मिली, जिसके बाद वह मुंबई के मीरा रोड इलाके में अकेले रहने लगा। यहां वह ऑनलाइन केमिस्ट्री की कोचिंग देकर अपना खर्च चला रहा था। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी दौरान वह इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ।

आरोपी का व्यवहार असामान्य
Mira Road stabbing case: घटना वाले दिन आरोपी एक जगह पर तैनात दो सुरक्षा गार्ड्स के पास पहुंचा। उसने उनसे उनका धर्म पूछा और ‘कलमा’ के बारे में सवाल किया। इसके बाद उसने अचानक चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गार्ड्स घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया और उससे पूछताछ शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी का व्यवहार थोड़ा असामान्य लगा। बताया जा रहा है कि वह बार-बार हाथ धो रहा था और कई बार नहाने की जिद कर रहा था। अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह उसकी मानसिक स्थिति का असर था या उसने किसी योजना के तहत ऐसा व्यवहार किया।
घर की तलाशी में संदिग्ध चीजें मिलीं
Mira Road stabbing case: पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खुद को समाज से अलग-थलग महसूस करता था। उसके अनुसार, लोग उससे ठीक से बात नहीं करते थे और कई बार उसे किराए पर घर देने से भी मना कर दिया जाता था। पुलिस का मानना है कि यह अकेलापन और मानसिक दबाव इस घटना से जुड़ा हो सकता है। जब पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली, तो वहां कुछ संदिग्ध चीजें मिलीं। घर में कपड़े बिखरे हुए थे और एक लैपटॉप के पास हाथ से लिखा एक नोट भी मिला। इस नोट में “लोन वुल्फ” हमलों और कुछ चरमपंथी संगठनों की विचारधारा का जिक्र बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी इन सब चीजों की जांच कर रही है और किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
20 साल पहले अमेरिका चला गया था
Mira Road stabbing case: एक और महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि घटना के समय आरोपी ने अपने मोबाइल फोन का डेटा डिलीट करने की कोशिश की थी। उसने फोन को फॉर्मेट कर दिया था। अब फोरेंसिक टीम उस डिलीट डेटा को वापस लाने की कोशिश कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि वह किन लोगों के संपर्क में था और इंटरनेट पर क्या गतिविधियां कर रहा था। आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी जांच का हिस्सा है। उसका परिवार मूल रूप से मुंबई के कुर्ला इलाके का रहने वाला है, लेकिन करीब 20 साल पहले अमेरिका चला गया था। आरोपी साल 2019 में किसी पारिवारिक विवाद के बाद भारत लौट आया था और तब से अकेले रह रहा था। उसकी शादी भी इस साल की शुरुआत में टूट गई थी। वह अपनी कमाई के लिए ऑनलाइन पढ़ाता था, जबकि उसके पिता अमेरिका से कुछ आर्थिक मदद भेजते थे।
जांच में एटीएस के साथ एनआईए भी शामिल
- इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें हत्या के प्रयास और खतरनाक हथियार से हमला करने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
- इसके अलावा, लोगों के बीच वैमनस्य फैलाने से जुड़ी धारा भी लगाई गई है। फिलहाल इस मामले की जांच कई एजेंसियां मिलकर कर रही हैं, जिनमें एटीएस के साथ-साथ नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी भी शामिल है।
- जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला अचानक गुस्से में किया गया था या पहले से योजना बनाकर किया गया था। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं आरोपी किसी अंतरराष्ट्रीय या ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ा तो नहीं था।
- यह घटना कई अहम सवाल खड़े करती है, जैसे कि इंटरनेट के जरिए बढ़ती कट्टरपंथी सोच, मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और समाज में बढ़ता अलगाव।
- जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस हमले के पीछे असली वजह क्या थी। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।