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Nagpur News: हत्या मामले में आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी को अदालत ने माना कानूनी, 16 जून तक पुलिस रिमांड

Nagpur News: हत्या मामले में आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी को अदालत ने माना कानूनी, 16 जून तक पुलिस रिमांड
Nagpur murder case accused police custody remand order: हत्या मामले में आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी को अदालत ने माना कानूनी, 16 जून तक पुलिस रिमांड (Image: AI)

Nagpur murder case accused police custody remand order: नागपुर के यशोधरा नगर थाना क्षेत्र के हत्या मामले में अदालत ने आरोपी मुज्जमिल उर्फ मुज्जू हसन अली की दोबारा गिरफ्तारी को वैध माना है। अदालत ने कहा कि आरोपी की पहले हुई रिहाई जमानत नहीं थी। मामले में कई जांच प्रक्रियाएं बाकी होने के कारण अदालत ने आरोपी को 16 जून 2026 तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया।

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Asfi Shadab
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हत्या मामले में अदालत ने पुलिस रिमांड को दी मंजूरी

Nagpur murder case accused police custody remand order: नागपुर। यशोधरा नगर थाने के अंतर्गत दर्ज हत्या प्रकरण (अपराध क्रमांक 454/2026) में आरोपी मुज्जमिल उर्फ मुज्जू हसन अली को माननीय न्यायालय ने 16 जून 2026 तक पुलिस कस्टडी रिमांड पीसीआर (PCR) पर भेज दिया है। यह आदेश 12 जून 2026 को दिया गया।

दोनों पक्षों की दलीलें

जांच अधिकारी ने मोबाइल फोन, हथियार और अन्य अहम साक्ष्यों की बरामदगी के लिए पुलिस रिमांड की मांग की थी। बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही अवैध घोषित हो चुकी थी और 10 जून 2026 को उसे रिहा किया गया था। इसलिए न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना दोबारा गिरफ्तारी वैध नहीं है।

सरकारी पक्ष ने स्पष्ट किया कि 10 जून की रिहाई के समय न कोई जमानत बांड भरा गया था, न व्यक्तिगत मुचलका। अतः उस रिहाई को जमानत नहीं माना जा सकता।

न्यायालय का निर्णय

कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि बचाव पक्ष द्वारा उद्धृत न्यायिक दृष्टांत उन मामलों से संबंधित थे, जिनमें आरोपियों को पहले जमानत मिल चुकी थी। वर्तमान मामले की परिस्थितियां अलग हैं।

आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी को अदालत ने माना कानूनी

न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बीएनएसएस (BNSS) की धारा 2(1)(ब) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि जमानत केवल तभी मानी जाती है जब बांड या जमानत बांड के आधार पर रिहाई हुई हो।

इसके अतिरिक्त, जांच अधिकारी द्वारा पेश स्कूल रिकॉर्ड और अंकसूची से यह भी सिद्ध हुआ कि आरोपी ने मराठी भाषा का अध्ययन किया है और उसे यह भाषा समझ आती है।

इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने दोबारा गिरफ्तारी को वैध ठहराया और आरोपी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

अब पुलिस 16 जून तक मोबाइल फोन, हथियार और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए आरोपी से पूछताछ करेगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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