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Nagpur News: संविधान की मर्यादा में रहकर आरक्षण का उप-वर्गीकरण जल्द लागू करने का मुख्यमंत्री का आश्वासन

Nagpur News: संविधान की मर्यादा में रहकर आरक्षण का उप-वर्गीकरण जल्द लागू करने का मुख्यमंत्री का आश्वासन
Reservation Sub Classification Devendra Fadnavis Nagpur: संविधान की मर्यादा में रहकर आरक्षण का उप-वर्गीकरण जल्द लागू करने का मुख्यमंत्री का आश्वासन (Photo: RB / Jassi)

Reservation Sub Classification Devendra Fadnavis Nagpur: नागपुर में लहू सेना के प्रमुख संजय कठाले के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जातियों के आरक्षण का उप-वर्गीकरण लागू करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार जल्द प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने भर्तियां रोकने और शीघ्र अमल की भी मांग की।

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Asfi Shadab
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आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर सरकार की तैयारी

Reservation Sub Classification Devendra Fadnavis Nagpur: नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण का उप-वर्गीकरण जल्द से जल्द लागू करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य संविधान की चौखट में रहते हुए और सर्वोच्च न्यायालय की सात न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के निर्णय के मानकों के अनुरूप किया जाएगा।

यह आश्वासन मुख्यमंत्री ने तब दिया, जब नागपुर स्थित उनके आवास “रामगिरी” बंगले में लहू सेना के प्रमुख संजय कठाले के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे भेंट कर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल की मांगें

प्रतिनिधिमंडल ने सर्वोच्च न्यायालय के 1 अगस्त 2024 के निर्णय के अनुसार आरक्षण उप-वर्गीकरण शीघ्र लागू करने की मांग की। साथ ही, उप-वर्गीकरण लागू होने तक सरकारी एवं अर्धसरकारी भर्तियाँ स्थगित रखने और आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले इसकी अमलवारी सुनिश्चित करने की भी माँग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने जल्द अमल की मांग उठाई

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने देविंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य मामले में राज्यों को अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति दी थी। इसका उद्देश्य वंचित और पिछड़ी जातियों को आरक्षण का उचित लाभ दिलाना है। पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है।

इस अवसर पर डॉ. कुलभूषण मोरे, जितेंद्र डोगरे, प्रकाश उकुडे, खुशाल डोगरे, जितू काले, मंगल वानखेड़े, रवि कठाले, उमेश खडसे और किशोर उकुडे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र सरकार अब इस विषय पर आगे की कार्रवाई के लिए संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का अनुसरण करेगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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