आदिवासी शिक्षा और सामाजिक विकास को लेकर बड़ा अभियान
Karmayogi Award Mumbai Mankar Trust tribal education Maharashtra: मुंबई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में स्वर्गीय लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था (मानकर ट्रस्ट) द्वारा मुंबई में कर्मयोगी एकल शिक्षक मेला 2026 और कर्मयोगी पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र में सामाजिक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मंत्री अशोक उइके, मायाताई इवनाते, अतुल शिरोडकर, मंगल प्रभात लोढ़ा, संजय सावकारे और हंसराज अहीर सहित कई गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
संस्था की पृष्ठभूमि
स्वर्गीय लक्ष्मणराव मानकर गुरुजी के निधन के बाद इस संस्था की स्थापना की गई। विदर्भ के चंद्रपुर और गडचिरोली जैसे दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर एकलव्य एकल विद्यालय की संकल्पना शुरू हुई, जो बाद में सफलतापूर्वक लागू की गई। वर्ष 1996 से आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जनजागरण के कार्य निरंतर जारी हैं।
महाराष्ट्र में एक लाख विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य
गडकरी का संकल्प — अब पूरे महाराष्ट्र में विस्तार
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से यह कार्य विदर्भ तक सीमित था, लेकिन अब इसे पूरे महाराष्ट्र में विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने आने वाले समय में एक लाख विद्यार्थियों और पांच हजार शिक्षकों को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा।
गडकरी ने जोर देकर कहा कि आदिवासी युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और छात्रावास सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “समाज में जाति और धर्म से नहीं, बल्कि गुणों से सम्मान मिलता है।” शोषित और पीड़ित वर्ग को सम्मानपूर्वक जीवन और शिक्षा का अधिकार दिलाना ही मानकर ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य है।
मानकर ट्रस्ट के इस विस्तार अभियान की रूपरेखा आने वाले महीनों में तय की जाएगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र