संदीपन साहा के घर के बाहर हुए विवाद पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
Priyanka Tibrewal TMC Sandipan Saha house attack Entally Kolkata: कोलकाता। एंटाली विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी (BJP) की पराजित प्रत्याशी प्रियंका तिब्रेवाल और पूर्व विधायक स्वर्णकमल साहा के नेतृत्व में बाहरी इलाकों से लोगों को लाकर तृणमूल कांग्रेस के पार्षदीय दल के उप-नेता संदीपन साहा के घर के बाहर सुबह साढ़े आठ बजे अराजकता फैलाने की कोशिश की गई। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए तृणमूल के पार्षदीय दल के नेताओं ने बुधवार को संदीपन साहा के घर पहुंचकर प्रेस को संबोधित किया।
तृणमूल की ओर से जावेद खान, मोहम्मद गोलाम रब्बानी, आखरुज्जामान प्रसून बनर्जी, रेहान होसेन और ऋतब्रत बंद्योपाध्याय समेत कई नेता मौके पर मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद न्यू मार्केट थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी गई है। पार्टी के नेताओं ने बताया कि घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सुरक्षित कर लिया गया है।


ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने कहा, “गतकाल एंटाली विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी (BJP) की पराजित प्रत्याशी प्रियंका तिब्रेवाल के नेतृत्व में, पूर्व विधायक स्वर्णकमल साहा और हमारे पार्षदीय दल के उप-नेता संदीपन साहा के घर के सामने, दूसरे विधानसभा क्षेत्रों से लोगों को लाकर सुबह साढ़े आठ बजे से अराजक स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। हम इस घटना की तीव्र निंदा करते हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।”
घटना को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठी
उन्होंने यह भी कहा, “हम मानते हैं कि राज्य के माननीय मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी (BJP) के राज्य अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य इस तरह की घटना का समर्थन नहीं करेंगे। लेकिन जो घटना घटी है, वह चिंताजनक है। एक निर्वाचित विधायक और पार्षदीय दल के उप-नेता के घर के सामने जो हुआ, उसका सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मौजूद है। हम प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ दृष्टांत-स्थापक कार्रवाई की जाए।”
नेताओं ने यह भी बताया कि प्रियंका तिब्रेवाल जाते वक्त धमकी देकर गई हैं कि वे फिर लोगों को लेकर आएंगी और संदीपन साहा को घर से बाहर निकलने नहीं देंगी। इस धमकी की जानकारी भी न्यू मार्केट थाने को ईमेल के जरिए दी जा चुकी है।
तृणमूल नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह घटना एंटाली विधानसभा क्षेत्र की सीमा के बाहर, चौरंगी विधानसभा क्षेत्र में घटित हुई और बाहर से लोग लाकर सुनियोजित तरीके से उपद्रव कराने की कोशिश की गई, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। उन्होंने बीजेपी (BJP) से मांग की कि वह अपनी प्रत्याशी के इस आचरण पर अपना रुख स्पष्ट करे।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो 18 तारीख को विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले आगे की रणनीति तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल