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RSS Centenary Vijayadashami Utsav Site in Nagpur : रेशिमबाग मैदान में हुआ भूमिपूजन

RSS Centenary Vijayadashami Utsav
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RSS Centenary Vijayadashami Utsav Site in Nagpur : रेशिमबाग मैदान में हुआ भूमिपूजन, शताब्दी उत्सव की भव्य तैयारियों की हुई शुरुआत

रेशिमबाग मैदान में हुआ भूमिपूजन। यह ऐतिहासिक क्षण रविवार को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर नागपुर महानगर संघचालक मा. राजेश जी लोया के करकमलों से संपन्न हुआ। इस आयोजन के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी श्री विजयादशमी उत्सव की तैयारियाँ औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गईं।

यह अवसर संघ परिवार के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि आगामी वर्ष RSS अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस विशेष शताब्दी उत्सव की शुरुआत विजयादशमी से होगी, जिसमें देशभर से लाखों स्वयंसेवकों, गणमान्य व्यक्तियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नागपुर आने की संभावना है। RSS Centenary Vijayadashami Utsav Site in Nagpur – रेशिमबाग मैदान को इस आयोजन का मुख्य स्थल चुना गया है, जहाँ भव्य स्तर पर कार्यक्रम संपन्न होंगे।

भूमिपूजन के इस कार्यक्रम में संघ के कई वरिष्ठ स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया। विशेष उल्लेखनीय उपस्थिति रही शिवाजी नगर शाखा के 98 वर्षीय स्वयंसेवक दत्तोपंत भागवतवार और विक्रम शाखा के 95 वर्षीय स्वयंसेवक श्रीराम गाढवे की। इतनी उन्नत आयु में भी उनका उत्साह और अनुशासन युवा स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा।

इसके अतिरिक्त विदर्भ प्रांत सहसंघचालक मा. श्रीधरराव गाडगे, विदर्भ प्रांत प्रचारक गणेश जी शेटे, वरिष्ठ प्रचारक राजाभाऊ देशपांडे, प्रांत एवं महानगर के पदाधिकारी, मा. भागसंघचालक, मा. नगरसंघचालक तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक भाई-बहन उपस्थित थे।

RSS Centenary Vijayadashami Utsav

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शताब्दी उत्सव की झलक | RSS Centenary Vijayadashami Utsav Site in Nagpur

संघ की स्थापना वर्ष 1925 में डॉ. हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन नागपुर से की थी। तभी से विजयादशमी संघ के लिए विशेष पर्व बन गया। आगामी वर्ष जब RSS अपनी Centenary Celebration मनाएगा, तब इस ऐतिहासिक यात्रा के 100 वर्षों की गाथा को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसीलिए RSS Centenary Vijayadashami Utsav Site in Nagpur – रेशिमबाग मैदान को आयोजन का केंद्र चुना गया है।

नागपुर की भूमिका

नागपुर न केवल संघ की जन्मभूमि है, बल्कि शताब्दी उत्सव का मुख्य केंद्र भी रहेगा। शहर के नागरिकों में इस आयोजन को लेकर गहरी उत्सुकता है। स्थानीय स्तर पर infrastructure development, traffic management और आगंतुकों की सुविधा हेतु प्रशासन और संघ स्वयंसेवकों द्वारा विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं।

वरिष्ठ स्वयंसेवकों का आशीर्वाद

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने कहा कि उन्होंने दशकों से संघ की निरंतर प्रगति को नजदीक से देखा है। 98 वर्षीय दत्तोपंत भागवतवार ने कहा कि संघ ने उन्हें जीवनभर अनुशासन और समाजसेवा का मार्ग दिखाया। वहीं 95 वर्षीय श्रीराम गाढवे ने युवा स्वयंसेवकों को संदेश दिया कि वे संगठन के मूल्यों को आगे बढ़ाएँ और समाजहित में कार्य करते रहें।

RSS Centenary Vijayadashami Utsav

राष्ट्रीय महत्व का आयोजन

संघ का यह शताब्दी उत्सव केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इसे national importance event माना जा रहा है। इसमें शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक कार्य और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति इसे और भव्य बनाएगी।

शताब्दी उत्सव के इस अवसर पर नागपुर ही नहीं बल्कि पूरे देश में विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। संघ की विभिन्न शाखाओं और प्रांतों में सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से शताब्दी वर्ष का संदेश आम जन तक पहुँचाया जाएगा। RSS Centenary Vijayadashami Utsav Site in Nagpur – रेशिमबाग मैदान इस अभियान का मुख्य केंद्र रहेगा, जहाँ से देशभर के स्वयंसेवकों को समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के नए संकल्प लेने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन केवल एक ऐतिहासिक यादगार नहीं होगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बनेगा।

निष्कर्ष

भूमिपूजन के इस पवित्र अवसर ने शताब्दी वर्ष के उत्सव की औपचारिक शुरुआत कर दी है। नागपुर का रेशिमबाग आने वाले महीनों में देशभर के स्वयंसेवकों और नागरिकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि RSS Centenary Vijayadashami Utsav Site in Nagpur – रेशिमबाग मैदान में हुआ भूमिपूजन आने वाले शताब्दी वर्षों के लिए प्रेरणा और दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक आयोजन साबित होगा।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।