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Diesel Price Today: डीजल की कीमतों का बढ़ता दबाव, जानिए आज क्या है भाव

Petrol-Diesel Price Today: एक बार फिर बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के भाव! जानिए अपने शहर का लेटेस्ट रेट
Petrol-Diesel Price Today: एक बार फिर बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के भाव! जानिए अपने शहर का लेटेस्ट रेट

28 दिसंबर 2025 को डीजल की कीमत ₹90.03 प्रति लीटर पर स्थिर रही। हालांकि बदलाव नहीं हुआ, लेकिन ऊंचे दाम परिवहन, लॉजिस्टिक्स और छोटे कारोबारियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। डीजल की लागत का असर महंगाई और आम उपभोक्ता तक साफ नजर आ रहा है।

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Diesel Price Today: भारत का परिवहन क्षेत्र इन दिनों डीजल की कीमतों में बनी मजबूती का सीधा असर झेल रहा है। 28 दिसंबर 2025 को देश में डीजल का औसत भाव ₹90.03 प्रति लीटर दर्ज किया गया। भले ही आज कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन लगातार ऊंचे स्तर पर बने रहने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर की लागत बढ़ती जा रही है।
सड़क परिवहन से लेकर माल ढुलाई तक, डीजल ही इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में इसके दाम स्थिर रहने के बावजूद ऊंचे स्तर पर टिके रहना भी राहत की बजाय चिंता का विषय बनता जा रहा है।

ट्रक और मालवाहक वाहनों की लागत में इजाफा

देश में ज्यादातर माल ढुलाई ट्रकों के जरिए होती है और ये ट्रक पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं। जब डीजल महंगा होता है, तो सबसे पहला असर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर पड़ता है।
किराया बढ़ाने की मजबूरी बनती है, जिसका सीधा असर व्यापारियों और अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। रोजमर्रा की जरूरत का सामान हो या औद्योगिक कच्चा माल, हर चीज की ढुलाई लागत बढ़ जाती है।

सार्वजनिक परिवहन भी दबाव में

डीजल के बढ़ते दामों का असर बस सेवाओं पर भी साफ दिख रहा है। सरकारी और निजी दोनों तरह की बसें डीजल से चलती हैं।
राज्य परिवहन निगम पहले से ही घाटे में चल रहे हैं और डीजल की ऊंची कीमतें उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन रही हैं। किराया न बढ़ाया जाए तो घाटा बढ़ता है और किराया बढ़ाया जाए तो यात्रियों की जेब पर असर पड़ता है। यह संतुलन साधना अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है।

भारत में राज्यवार डीजल की कीमत (₹/लीटर)

राज्य डीजल का दाम (₹) मूल्य परिवर्तन
अंडमान और निकोबार ₹78.05 0.00
आंध्र प्रदेश ₹97.47 0.00
अरुणाचल प्रदेश ₹80.21 0.00
असम ₹89.50 0.00
बिहार ₹91.83 0.00
चंडीगढ़ ₹82.45 0.00
छत्तीसगढ़ ₹93.39 0.00
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव ₹87.94 0.00
दिल्ली ₹87.67 0.00
गोवा ₹88.36 0.00
गुजरात ₹90.32 0.00
हरयाणा ₹88.40 0.00
हिमाचल प्रदेश ₹87.41 0.00
जम्मू एवं कश्मीर ₹83.53 0.00
झारखंड ₹92.82 0.00
कर्नाटक ₹91.04 0.00
केरल ₹96.21 0.00
लद्दाख ₹88.38 0.00
लक्षद्वीप ₹95.71 0.00
मध्य प्रदेश ₹91.73 0.00
महाराष्ट्र ₹90.03 0.00
मणिपुर ₹85.26 0.00
मेघालय ₹87.55 0.00
मिजोरम ₹88.04 0.00
नगालैंड ₹88.99 0.00
ओडिशा ₹92.92 0.00
पांडिचेरी ₹86.60 0.00
पंजाब ₹88.14 0.00
राजस्थान ₹90.21 0.00
सिक्किम ₹90.45 0.00
तमिलनाडु ₹92.39 0.00
तेलंगाना ₹95.70 0.00
त्रिपुरा ₹86.74 0.00
उत्तर प्रदेश ₹87.81 0.00
उत्तराखंड ₹88.68 0.00
पश्चिम बंगाल ₹92.02 0.00

छोटे कारोबारियों की बढ़ी परेशानी

डीजल केवल बड़े ट्रांसपोर्ट कारोबार तक सीमित नहीं है। छोटे दुकानदार, सब्जी विक्रेता, दूध सप्लायर और स्थानीय डिलीवरी सेवाएं भी डीजल पर निर्भर हैं।
इन लोगों के लिए हर एक रुपये की बढ़ोतरी मायने रखती है। डीजल महंगा होने पर या तो मुनाफा घटता है या फिर कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं, जिससे ग्राहकों की नाराजगी झेलनी पड़ती है।

महंगाई की श्रृंखला पर असर

डीजल को अक्सर महंगाई की चाबी कहा जाता है। इसका कारण साफ है—जब परिवहन महंगा होता है, तो हर वस्तु की कीमत पर उसका असर पड़ता है।
खाद्यान्न, सब्जियां, फल, निर्माण सामग्री और औद्योगिक उत्पाद—सबकी कीमतों में परिवहन लागत जुड़ी होती है। डीजल के दाम ऊंचे बने रहने से महंगाई पर नियंत्रण की कोशिशें कमजोर पड़ सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की भूमिका

डीजल की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।
तेल उत्पादक देशों के फैसले और आपूर्ति से जुड़ी आशंकाएं कीमतों को प्रभावित करती हैं, जिसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों में ज्यादा दिखता है।

आम उपभोक्ता की जेब पर असर

हालांकि डीजल का सीधा उपयोग आम उपभोक्ता कम करता है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष असर हर किसी तक पहुंचता है।
सब्जी के दाम बढ़ें, ऑनलाइन डिलीवरी महंगी हो या बस किराया बढ़े—इन सबके पीछे कहीं न कहीं डीजल की लागत जुड़ी होती है। इसलिए डीजल की कीमतें स्थिर रहना भी तब तक राहत नहीं देता, जब तक वे नीचे न आएं।

आगे क्या उम्मीद की जाए

फिलहाल 28 दिसंबर को डीजल के दाम स्थिर हैं, लेकिन बाजार की नजर आने वाले दिनों पर टिकी हुई है।
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी आती है, तो घरेलू स्तर पर भी कुछ राहत मिल सकती है। वहीं, अगर कच्चे तेल में तेजी बनी रही, तो डीजल के दाम लंबे समय तक दबाव बनाए रख सकते हैं।

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Dipali Kumari

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