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जीएसटी कटौती से आम आदमी को राहत, मुनाफाखोरों पर होगी कार्रवाई: वित्त मंत्री सीतारमण

GST Cut Rate Relief: वित्त मंत्री सीतारमण ने आम आदमी के लिए जीएसटी कटौती का लाभ और मुनाफाखोरों पर कार्रवाई की घोषणा की
GST Cut Rate Relief: वित्त मंत्री सीतारमण ने आम आदमी के लिए जीएसटी कटौती का लाभ और मुनाफाखोरों पर कार्रवाई की घोषणा की
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जीएसटी कटौती से आम आदमी को मिली राहत

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि 22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी दरों में कटौती के बाद रोजमर्रा की 54 वस्तुओं के दाम में 6 से 12 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इस कदम से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है और उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है।

कटौती का प्रभाव और शामिल वस्तुएँ

इन 54 वस्तुओं में बटर-घी, टूथब्रश, शैंपू, छाता, खिलौने, बिस्कुट, चॉकलेट, आइसक्रीम और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आइटम शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, कटौती के बाद इन वस्तुओं की वास्तविक गिरावट प्रतिशत में इस प्रकार रही:

  • बटर: 6.47%

  • घी: 5.97%

  • चॉकलेट: 8.41%

  • बिस्कुट व कुकीज: 10.28%

  • बोतलबंद पानी: 9.90%

  • आइसक्रीम: 9.22%

  • शैंपू: 12.36%

  • टूथब्रश: 11.23%

  • फेस पाउडर: 12.22%

  • शेविंग क्रीम: 9.51%

मुनाफाखोरों पर होगी कार्रवाई

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि जीएसटी दरों में कटौती का लाभ न देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता मंत्रालय को 3075 शिकायतें मिली हैं, जिन्हें अप्रत्यक्ष कर विभाग की जांच टीम देख रही है।

खपत, उत्पादन और रोजगार पर सकारात्मक असर

सीतारमण ने कहा कि जीएसटी कटौती से खपत में वृद्धि, मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा और रोजगार सृजन की संभावना बढ़ेगी। इस अवसर पर पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव ने भी कहा कि मोबाइल फोन, टीवी और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की बिक्री में 20-25% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

आईएमएफ ने बढ़ाया विकास दर का अनुमान

जीएसटी कटौती के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। यह कदम अर्थव्यवस्था और जनता दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख

विपक्ष ने कटौती को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई पूर्व भूल सुधार नहीं है। जनता को मासिक जीएसटी संग्रह के आधार पर सीधे लाभ देने की गुंजाइश थी और सरकार ने इसे सुनिश्चित किया।


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Aryan Ambastha

राष्ट्रभारत डॉट कॉम में लेखक एवं विचारक | वित्त और उभरती तकनीकों में गहरी रुचि | राजनीति एवं समसामयिक मुद्दों के विश्लेषक | कंटेंट क्रिएटर | नालंदा विश्वविद्यालय से स्नातक।

प्रौद्योगिकी, वित्त, राजनीति और समाज के आपसी संबंधों को समझने और व्याख्या करने का विशेष कौशल रखते हैं। जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित और संतुलित दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुँचाना इनकी पहचान है। संपर्क: aryan.ambastha@rashtrabharat.com