भारत के सबसे धनी उद्योगपति मुकेश अंबानी की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को लेकर दुनिया की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्मों में से एक जेपी मॉर्गन ने बड़ा बयान दिया है। अमेरिका के सबसे विशाल बैंक की ब्रोकरेज शाखा ने रिलायंस के शेयरों पर ओवरवेट रेटिंग देते हुए निवेशकों को खरीदारी की सलाह दी है। कंपनी ने साल 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन की संभावना जताई है।
सोमवार 25 नवंबर को शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने नया 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर छू लिया। इस ग्लोबल ब्रोकरेज की रिपोर्ट आने के बाद कंपनी के शेयर 1535 रुपये पर खुले और कारोबार के दौरान 1559 रुपये तक पहुंच गए। दिन भर में शेयरों में करीब एक फीसदी की बढ़त देखी गई और यह 1551 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
जेपी मॉर्गन का लक्ष्य मूल्य और रेटिंग
जेपी मॉर्गन ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों के लिए 1727 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया है। यह मौजूदा बाजार भाव से करीब 11 फीसदी ऊपर है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अन्य बड़ी भारतीय कंपनियों जैसे डी-मार्ट और भारती एयरटेल की तुलना में रिलायंस का मूल्यांकन अभी भी काफी आकर्षक बना हुआ है।
ब्रोकरेज ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कारोबार में जो कमजोरी आई थी, वह अब समाप्त हो चुकी है। अब इन क्षेत्रों में मजबूती देखी जा रही है जो कंपनी की कमाई में सुधार का संकेत देती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के तीन प्रमुख कारोबारी क्षेत्र हैं – जियो दूरसंचार सेवाएं, रिलायंस रिटेल और तेल से रसायन का व्यवसाय।
साल 2026 में तेजी के संभावित कारण
जियो का सार्वजनिक निर्गम
जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में साल 2026 के लिए कई बड़े कारक गिनाए हैं जो रिलायंस के शेयरों में जोरदार उछाल ला सकते हैं। सबसे अहम कारण जियो का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ है। बाजार में लंबे समय से जियो के आईपीओ की चर्चा चल रही है। अगर यह आईपीओ आता है तो यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है।
दूरसंचार शुल्क में बढ़ोतरी
दूरसंचार सेवाओं के दामों में संभावित वृद्धि भी एक बड़ा कारक है। पिछले कुछ समय से टेलीकॉम कंपनियां अपनी योजनाओं के दाम बढ़ा रही हैं। जियो अगर अपने टैरिफ में बढ़ोतरी करती है तो इससे कंपनी की आमदनी में बड़ा इजाफा हो सकता है। दूरसंचार क्षेत्र में बेहतर लाभ मार्जिन मिलने की उम्मीद है।
नई ऊर्जा परियोजनाओं में प्रगति
रिलायंस ने हाल के वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारी निवेश किया है। कंपनी सौर ऊर्जा, बैटरी निर्माण और हाइड्रोजन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। इन परियोजनाओं में अगर बड़ी सफलता मिलती है तो इससे कंपनी को नया राजस्व स्रोत मिलेगा। जेपी मॉर्गन ने इन नई ऊर्जा परियोजनाओं में महत्वपूर्ण उपलब्धियों को संभावित तेजी का एक अहम कारण बताया है।
खुदरा कारोबार में स्थिरता
रिलायंस रिटेल भारत की सबसे बड़ी खुदरा श्रृंखला है। कंपनी के रिटेल कारोबार में लगातार विकास और स्थिरता देखी जा रही है। नए स्टोर खोलने, डिजिटल कारोबार बढ़ाने और विभिन्न ब्रांड्स के साथ साझेदारी से रिटेल कारोबार में मजबूती आ रही है। यह कारोबार कंपनी की कुल आमदनी में बड़ा योगदान देता है।
रिफाइनिंग कारोबार में सुधार
पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में रिलायंस के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कारोबार में कमजोरी देखी गई थी। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मांग में कमी के चलते इस क्षेत्र का प्रदर्शन प्रभावित हुआ था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार हो रहा है।
जेपी मॉर्गन ने कहा कि रिफाइनिंग कारोबार में वर्तमान मजबूती आगे चलकर कंपनी की आय में बढ़ोतरी का आधार बन सकती है। पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग में भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं। रिलायंस की जामनगर स्थित रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी और आधुनिक रिफाइनरियों में से एक है।
अन्य विश्लेषकों की राय
सिर्फ जेपी मॉर्गन ही नहीं, बल्कि कई अन्य ब्रोकरेज फर्म और बाजार विशेषक भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को लेकर सकारात्मक रुख रखते हैं। रॉयटर्स की हालिया रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न विश्लेषकों की औसत रेटिंग खरीदारी की सलाह देती है। विश्लेषकों का औसत लक्ष्य मूल्य 1685 रुपये के आसपास है।
यह दर्शाता है कि ज्यादातर बाजार विशेषक रिलायंस के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। कंपनी के विविध कारोबारी क्षेत्र, मजबूत नकदी प्रवाह और नवाचार में निवेश इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।
शेयर बाजार में हालिया प्रदर्शन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने पिछले कुछ हफ्तों में अच्छी रिकवरी दिखाई है। सितंबर-अक्टूबर में जहां शेयर 1300 रुपये के आसपास कारोबार कर रहे थे, वहीं अब यह 1550 रुपये के स्तर को पार कर चुके हैं। यह करीब 19 फीसदी की बढ़त है। 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर को छूने से निवेशकों में नया उत्साह देखा जा रहा है।
कंपनी का बाजार पूंजीकरण 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है। यह भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है। संस्थागत और विदेशी निवेशक भी रिलायंस में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
हालांकि ब्रोकरेज फर्में और विश्लेषक सकारात्मक संकेत दे रहे हैं, लेकिन शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के अधीन रहता है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश लक्ष्यों का आकलन जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। कंपनी की तिमाही आय रिपोर्ट, कारोबारी योजनाएं और उद्योग के रुझानों का अध्ययन करना भी महत्वपूर्ण है। विविधीकृत निवेश पोर्टफोलियो बनाना हमेशा बेहतर रणनीति मानी जाती है।