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सीजफायर का असर: शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की हुई मोटी कमाई

सीजफायर का असर: शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की हुई मोटी कमाई
सीजफायर का असर: शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की हुई मोटी कमाई

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी उछाल आई, जिससे निवेशकों को भारी मुनाफा हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक संकेतों ने भी बाजार की रैली को मजबूती दी है।

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Share Market: ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम के ऐलान का असर अब साफ तौर पर भारतीय शेयर बाजार में दिखाई दे रहा है। जैसे ही सीजफायर की खबर सामने आई, बाजार में मानो नई जान आ गई। निवेशकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है, क्योंकि कुछ ही घंटों में उन्हें भारी मुनाफा हुआ है।

निफ्टी 850 अंकों से ज्यादा उछला

बाजार खुलते ही तेजी का ऐसा दौर शुरू हुआ कि प्रमुख सूचकांक नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। निफ्टी 850 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि सेंसेक्स में करीब 3000 अंकों की जोरदार बढ़त देखने को मिली। निफ्टी बैंक भी पीछे नहीं रहा और उसमें 2700 अंकों से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इस तेज उछाल ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है।

बीएसई का मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ा

बाजार की इस रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीएसई का मार्केट कैप कुछ ही घंटों में 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। एक दिन पहले जहां यह 429 लाख करोड़ रुपये के आसपास था, वहीं आज यह बढ़कर 444 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। यानी निवेशकों की संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी सिर्फ एक दिन की नहीं है, बल्कि आगे भी बाजार में अच्छी रैली देखने को मिल सकती है। उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो निफ्टी में और 1500 अंकों तक की बढ़त संभव है।

16 में से 14 सेक्टर हरे निशान में

अगर सेक्टर की बात करें तो 16 में से 14 सेक्टर हरे निशान में रहे। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी करीब 3.5 प्रतिशत तक की तेजी आई, जिससे छोटे निवेशकों को भी फायदा हुआ।

इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे अहम वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर है, जिससे वैश्विक तनाव कम हुआ है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, एशियाई बाजारों में मजबूती, रुपये की मजबूती और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखना भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत साबित हुए हैं।

कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर हालात में सुधार का सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिला है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि यह तेजी कब तक जारी रहती है और आगे बाजार किस दिशा में जाता है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।