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विदेशी निवेशकों ने छोड़ा साथ, 11 स्मॉलकैप शेयरों में 70 फीसदी तक की गिरावट

विदेशी निवेशकों ने छोड़ा साथ, 11 स्मॉलकैप शेयरों में 70 फीसदी तक की गिरावट
शेयर बाजार में भारी गिरावट, दो दिन में डूबे 14 लाख करोड़, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम

पिछली तीन तिमाहियों में विदेशी निवेशकों ने 11 स्मॉलकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी लगातार घटाई है। JNK India, SKF India, Magellanic Cloud समेत कई शेयरों में 50 से 70 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। कुल 184 स्मॉलकैप शेयरों ने इस साल नकारात्मक रिटर्न दिया है। निवेशकों को सतर्क रहने और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

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Asfi Shadab
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शेयर बाजार में छोटी कंपनियों के शेयरों यानी स्मॉलकैप में निवेश करना जोखिम भरा होता है, लेकिन जब विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार अपनी हिस्सेदारी घटाने लगें तो यह खतरे की घंटी मानी जाती है। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि पिछली तीन तिमाहियों में विदेशी निवेशकों ने 11 प्रमुख स्मॉलकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी में लगातार कटौती की है। इसका नतीजा यह रहा कि इन शेयरों की कीमतों में 50 से 70 फीसदी तक की भारी गिरावट देखी गई है।

यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि जब बड़े और अनुभवी निवेशक किसी शेयर से बाहर निकलते हैं, तो आम तौर पर उस कंपनी के भविष्य को लेकर संदेह बढ़ जाता है। ACE Equity के आंकड़ों के अनुसार, इस साल करीब 184 स्मॉलकैप शेयरों ने नकारात्मक रिटर्न दिया है और लगभग 19 शेयरों में तो 50 से 70 फीसदी की भारी गिरावट आई है।

स्मॉलकैप शेयरों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार में बड़ी भूमिका निभाते हैं। जब ये निवेशक किसी शेयर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं तो उस शेयर की कीमत में तेजी आती है। लेकिन जब ये अपनी हिस्सेदारी घटाने लगते हैं तो शेयर की कीमत में गिरावट शुरू हो जाती है। पिछले नौ महीनों में कई स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में FII ने अपनी हिस्सेदारी कम की है, जिसकी वजह से ये शेयर लाल निशान में आ गए हैं।

JNK India में 67 फीसदी की गिरावट

साल 2025 में अब तक JNK India के शेयर में सबसे ज्यादा 67 फीसदी की गिरावट देखी गई है। यह शेयर 659 रुपये से गिरकर 221 रुपये पर आ गया है। दिसंबर 2024 में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 3.13 फीसदी थी जो सितंबर 2025 तक घटकर 2.70 फीसदी रह गई। इस लगातार बिकवाली ने शेयर पर भारी दबाव बनाया है।

Magellanic Cloud में 63 फीसदी की कमी

Magellanic Cloud के शेयर में भी 63 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर 73 रुपये से गिरकर 27 रुपये पर आ गया। दिसंबर 2024 में FII की हिस्सेदारी 0.92 फीसदी थी जो सितंबर 2025 में घटकर 0.43 फीसदी रह गई। यह कमी शेयर के कमजोर प्रदर्शन को दर्शाती है।

United Foodbrands में 59 फीसदी की गिरावट

United Foodbrands का शेयर 441 रुपये से गिरकर 181 रुपये पर आ गया, जो 59 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में 12.84 फीसदी से घटकर सितंबर 2025 में 9.68 फीसदी रह गई। इतनी बड़ी हिस्सेदारी में कमी ने शेयर को काफी नुकसान पहुंचाया है।

SKF India में 58 फीसदी की कमी

SKF India के शेयर में 58 फीसदी की भारी गिरावट आई है। यह शेयर 4,476 रुपये से गिरकर 1,877 रुपये पर आ गया। दिसंबर 2024 में FII की हिस्सेदारी 8.32 फीसदी थी जो सितंबर 2025 में 6.98 फीसदी रह गई। लगातार तीन तिमाहियों में हिस्सेदारी घटने से शेयर कमजोर हुआ है।

RK Swamy में 58 फीसदी की गिरावट

RK Swamy का शेयर 269 रुपये से गिरकर 113 रुपये पर आ गया, जो 58 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है। विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में 1.29 फीसदी से घटकर सितंबर 2025 में मात्र 0.17 फीसदी रह गई। यह बड़ी बिकवाली का संकेत है।

Kabra Extrusiontechnik में 58 फीसदी की कमी

Kabra Extrusiontechnik के शेयर में भी 58 फीसदी की गिरावट आई है। यह शेयर 553 रुपये से गिरकर 233 रुपये पर आ गया। FII की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में 2.96 फीसदी से घटकर सितंबर 2025 में 0.37 फीसदी रह गई। यह तेज गिरावट निवेशकों के विश्वास में कमी को दर्शाती है।

अन्य प्रमुख गिरावट वाले शेयर

Transworld Shipping Lines में 57 फीसदी की गिरावट देखी गई। शेयर 414 रुपये से गिरकर 177 रुपये पर आ गया। विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में 0.51 फीसदी से घटकर सितंबर 2025 में शून्य हो गई। यह पूरी तरह से बाहर निकलने का मामला है।

Vikas Lifecare में 56 फीसदी की गिरावट आई और शेयर 4 रुपये से गिरकर 2 रुपये पर आ गया। Ganesha Ecosphere में 55 फीसदी की कमी आई और शेयर 2,017 रुपये से गिरकर 905 रुपये पर आ गया। FII की हिस्सेदारी 12.14 फीसदी से घटकर 8.79 फीसदी रह गई।

Oriental Rail Infrastructure में भी 55 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। शेयर 322 रुपये से गिरकर 145 रुपये पर आ गया। विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 0.42 फीसदी से घटकर 0.30 फीसदी रह गई।

निवेशकों के लिए सबक

यह आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि स्मॉलकैप शेयरों में निवेश करते समय विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। जब बड़े निवेशक किसी शेयर से बाहर निकलने लगते हैं तो यह संकेत होता है कि कंपनी के व्यवसाय में कुछ समस्याएं हो सकती हैं या भविष्य की संभावनाएं कमजोर हैं।

छोटे निवेशकों को चाहिए कि वे केवल कीमत के आधार पर शेयर न खरीदें बल्कि कंपनी के मूल तत्वों, वित्तीय स्थिति और बड़े निवेशकों की गतिविधियों का भी अध्ययन करें। स्मॉलकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है इसलिए सावधानी और सही जानकारी के साथ निवेश करना चाहिए।

बाजार का माहौल और भविष्य की संभावनाएं

कुल मिलाकर, वर्तमान में स्मॉलकैप शेयरों में नकारात्मक रुझान दिख रहा है। 184 से अधिक स्मॉलकैप शेयरों ने इस साल नकारात्मक रिटर्न दिया है जो बाजार में कमजोरी को दर्शाता है। निवेशकों को इस समय ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है और ऐसे शेयरों से दूर रहना चाहिए जहां लगातार विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में स्मॉलकैप शेयरों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि के लिए मजबूत कंपनियों में निवेश करना चाहिए और तुरंत मुनाफा कमाने के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए।


Disclaimer:
यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।


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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।