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जेईई मेन 2026 सत्र 1 में 96.15 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज, एनटीए ने दी जानकारी

जेईई मेन 2026 सत्र 1 में 96.15 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज, एनटीए ने दी जानकारी
JEE Main 2026 Session 1: सत्र 1 में 96.15 प्रतिशत उपस्थिति, एनटीए ने जारी किया अपडेट (File Photo)

एनटीए ने जेईई मेन 2026 सत्र 1 की जानकारी देते हुए बताया कि 8 लाख से अधिक पंजीकृत छात्रों में से 96.15 प्रतिशत परीक्षा में शामिल हुए। आधार सत्यापन भी सफलतापूर्वक पूरा हुआ। परीक्षा 21 से 29 जनवरी तक चल रही है। परिणाम 12 फरवरी को घोषित होंगे। सामान्य श्रेणी के लिए अनुमानित कटऑफ 93-95 प्रतिशतता रहने की संभावना है।

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Asfi Shadab
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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 के पहले सत्र की प्रगति को लेकर एक आधिकारिक जानकारी साझा की है। एजेंसी के मुताबिक परीक्षा प्रक्रिया अब तक बेहद सुचारू रूप से संपन्न हो रही है। 23 जनवरी 2026 तक कुल 8,01,326 उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाया था।

एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 7,70,441 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो चुके हैं, जो कुल 96.15 प्रतिशत की उपस्थिति दर दर्शाता है। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए, उनमें से 7,40,412 उम्मीदवारों ने आधार आधारित सत्यापन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो उपस्थित छात्रों का 96.10 प्रतिशत है। एनटीए ने यह भी बताया कि चालू सत्र में 2,563 दिव्यांग उम्मीदवारों ने पंजीकरण करवाया है।

अपने अपडेट में एनटीए ने परीक्षा के सुचारू संचालन का श्रेय राज्य और जिला अधिकारियों के “सहज सहयोग” के साथ-साथ परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की अनुशासित भागीदारी को दिया है।

परीक्षा की समय सारणी और प्रक्रिया

जेईई मेन 2026 का पहला सत्र 21 जनवरी को शुरू हुआ था और यह परीक्षा 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी को दो पारियों में बीई और बीटेक पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित की जा रही है। वहीं बीआर्क और बीप्लान की परीक्षाएं 29 जनवरी को एकल पारी में संपन्न होंगी।

यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित यानी ऑनलाइन मोड में भारत और विदेश में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध किया गया है ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

परिणाम घोषणा और अगली प्रक्रिया

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के पहले सत्र का आयोजन कंप्यूटर आधारित परीक्षा मोड में कर रही है। सत्र 1 की परीक्षा के नतीजे 12 फरवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। जो उम्मीदवार मेन परीक्षा में सफल होंगे, वे जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल होने के योग्य होंगे।

जेईई एडवांस्ड में शामिल होने के लिए छात्रों को न्यूनतम योग्यता प्रतिशतता हासिल करनी होगी। एनआईटी, आईआईआईटी और अन्य सहभागी संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए आवेदकों को प्रवेश कटऑफ तक पहुंचना जरूरी है।

स्कोर की गणना प्रक्रिया

जेईई मेन 2026 के सत्र 1 और सत्र 2 दोनों में पेपर-1 में प्राप्त प्रत्येक उम्मीदवार के एनटीए स्कोर को परिणामों के संकलन और समग्र योग्यता सूची या रैंकिंग की तैयारी के लिए मिला दिया जाएगा। जो उम्मीदवार दोनों सत्रों में शामिल हुए हैं, उनके लिए दोनों में से बेहतर एनटीए स्कोर को आगे की प्रक्रिया के लिए माना जाएगा।

यह प्रणाली छात्रों को दूसरा मौका देती है ताकि वे अपने प्रदर्शन को सुधार सकें। अगर किसी छात्र का पहले सत्र में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो वह दूसरे सत्र में बेहतर करके अपनी रैंक सुधार सकता है।

पिछले वर्षों का कटऑफ विश्लेषण

सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 2025 और 2024 में कटऑफ 93 था। 2023 में कटऑफ 90 था जबकि 2022 में यह 88 था। पिछले वर्षों के कटऑफ को देखते हुए, जेईई मेन 2026 के लिए अनुमानित कटऑफ प्रतिशतता सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए 93-95 के बीच रहने की उम्मीद है।

सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए कटऑफ 80-82 के बीच हो सकता है। ओबीसी-एनसीएल श्रेणी के उम्मीदवारों को 79-81 के बीच स्कोर करने की आवश्यकता हो सकती है। एससी श्रेणी से संबंधित छात्रों को 60-63 की जरूरत हो सकती है जबकि एसटी श्रेणी के उम्मीदवारों को 47-50 की आवश्यकता हो सकती है।

कटऑफ में बदलाव के संभावित कारण

कटउफ हर साल परीक्षा की कठिनाई स्तर, उपस्थित छात्रों की संख्या और उनके प्रदर्शन पर निर्भर करता है। इस बार उच्च उपस्थिति दर और छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहने की संभावना है। इसलिए कटऑफ में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

साथ ही परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति भी कटऑफ निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर परीक्षा तुलनात्मक रूप से आसान रहती है तो कटऑफ बढ़ सकता है, वहीं कठिन परीक्षा में कटऑफ कम हो सकता है।

परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था

परीक्षा केंद्रों पर सभी तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी गई हैं। कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट कनेक्टिविटी और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। आधार आधारित पहचान प्रक्रिया ने धोखाधड़ी की संभावनाओं को न्यूनतम कर दिया है।

दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं जैसे अतिरिक्त समय, स्क्राइब की सुविधा और रैंप की व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित करता है कि सभी छात्रों को समान अवसर मिले।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

परीक्षा देने वाले छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें और सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की फोटोकॉपी भी साथ रखनी चाहिए। परीक्षा के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को साथ ले जाने से बचें।

परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना लाभदायक रहता है। मॉक टेस्ट देने से समय प्रबंधन में सुधार होता है और परीक्षा का अनुभव मिलता है।

भविष्य की योजना

जेईई मेन में सफल होने वाले छात्र देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए पात्र होंगे। शीर्ष रैंक हासिल करने वाले छात्र आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस्ड परीक्षा दे सकेंगे। यह परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

एनटीए का यह प्रयास परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने में सफल रहा है। उच्च उपस्थिति दर और सफल आधार सत्यापन परीक्षा की विश्वसनीयता को दर्शाता है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।