Arijit Singh Retirement: हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में भावनाओं को स्वर देने वाले अरिजीत सिंह ने पार्श्वगायन से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। बीते एक दशक से अधिक समय तक करोड़ों श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाले इस लोकप्रिय गायक ने स्पष्ट किया है कि वह अब फिल्मों के लिए नए गीत नहीं गाएंगे, हालांकि संगीत से उनका नाता बना रहेगा।
एक युग का शांत विराम
38 वर्षीय अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी को अपने निजी सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से यह निर्णय सार्वजनिक किया। उन्होंने अपने श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्श्वगायन की उनकी यात्रा अत्यंत सुंदर और संतोषजनक रही है। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब उनका हालिया गीत ‘मातृभूमि’ चर्चा में था।

संगीत से नहीं, केवल फिल्मों से दूरी
अरिजीत सिंह ने यह स्पष्ट किया कि उनका रचनात्मक सफर अभी समाप्त नहीं हुआ है। वे भविष्य में स्वतंत्र कलाकार के रूप में संगीत रचना और प्रस्तुति जारी रखेंगे। उनके अनुसार, वे अच्छे संगीत के विद्यार्थी बने रहना चाहते हैं और अपनी शर्तों पर सृजन करना चाहते हैं।
अधूरी प्रतिबद्धताएं होंगी पूरी
गायक ने यह भी बताया कि उनके कुछ पूर्व निर्धारित प्रोजेक्ट शेष हैं, जिन्हें वे पूरा करेंगे। श्रोताओं को वर्ष 2026 में उनके नए गीत सुनने को मिलेंगे, परंतु ये फिल्मी परियोजनाओं का हिस्सा नहीं होंगे।
‘तुम ही हो’ से शिखर तक
अरिजीत सिंह को 2013 में ‘आशिकी 2’ के गीत ‘तुम ही हो’ से अप्रत्याशित लोकप्रियता मिली। इसके बाद ‘केसरिया’, ‘हवाएं’, ‘अपना बना ले’, ‘ऐ दिल है मुश्किल’ जैसे गीतों ने उन्हें आधुनिक हिंदी सिनेमा की पहचान बना दिया।
सम्मान और विरासत
अपने करियर में अरिजीत सिंह को दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 2025 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उनका संयमित, भावपूर्ण गायन लंबे समय तक हिंदी संगीत को प्रभावित करता रहेगा।