भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरे T20 मैच में कुलदीप का शानदार प्रदर्शन
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे T20 सीरीज के दूसरे मैच में भारतीय गेंदबाज कुलदीप यादव ने एक बार फिर अपनी स्पिन गेंदबाजी का जादू दिखाया। कुलदीप ने न्यूजीलैंड के खतरनाक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स को पवेलियन भेजकर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। यह आउट इसलिए और भी खास बन गया क्योंकि कुलदीप ने सिर्फ 20 गेंदों में तीसरी बार फिलिप्स को आउट किया है।
जब न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र और ग्लेन फिलिप्स के बीच एक अच्छी साझेदारी बन रही थी, तब कुलदीप यादव ने अपनी चतुराई भरी गेंदबाजी से इस खतरनाक जोड़ी को तोड़ दिया। फिलिप्स ने 13 गेंदों पर 19 रन बनाए थे, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था। लेकिन कुलदीप की गूगली गेंद उनके लिए जाल साबित हुई।
कैसे हुआ ग्लेन फिलिप्स का विकेट
कुलदीप यादव ने अपनी खास गूगली गेंद से फिलिप्स को पूरी तरह चकमा दिया। फिलिप्स इस गेंद को समझ नहीं पाए और बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में फंस गए। कुलदीप ने गेंद को हवा में ऊपर उछाला, जिससे फिलिप्स को लगा कि वह बड़ा शॉट खेल सकते हैं। फिलिप्स ने स्पिन के खिलाफ लेग साइड में शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के किनारे से टकरा गई।
गेंद बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में हवा में उछल गई, जहां हार्दिक पांड्या ने आसानी से कैच पकड़ लिया। यह विकेट ऐसे समय पर आया जब न्यूजीलैंड की टीम पार्टनरशिप बना रही थी और भारत को एक सफलता की सख्त जरूरत थी। कुलदीप की इस गेंद ने भारत को फिर से मैच में वापस ला दिया।
फिलिप्स के खिलाफ कुलदीप का शानदार रिकॉर्ड
कुलदीप यादव और ग्लेन फिलिप्स के बीच T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक खास रिवालरी बन गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कुलदीप ने फिलिप्स को तीन पारियों में तीन बार आउट किया है। इन तीनों पारियों में फिलिप्स सिर्फ 20 गेंदों का सामना कर पाए हैं और उन्होंने केवल 21 रन बनाए हैं।
फिलिप्स की बैटिंग एवरेज कुलदीप के खिलाफ सिर्फ 10.50 रही है और उनका स्ट्राइक रेट भी केवल 105 का रहा है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि कुलदीप यादव फिलिप्स की कमजोरी को बखूबी समझते हैं और उसी के अनुसार अपनी गेंदबाजी करते हैं। फिलिप्स जैसे आक्रामक बल्लेबाज को लगातार तीन बार आउट करना कुलदीप की स्पिन गेंदबाजी की काबिलियत को दिखाता है।
कुलदीप यादव का शानदार T20 इंटरनेशनल करियर
कुलदीप यादव अपने T20 इंटरनेशनल करियर में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 51 मैच खेले हैं और 91 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी बॉलिंग एवरेज 13.24 की है, जो किसी भी स्पिनर के लिए बेहद शानदार मानी जाती है। कुलदीप की इकोनॉमी रेट सात से भी कम है, जो T20 क्रिकेट में बहुत अच्छी मानी जाती है।
कुलदीप का स्ट्राइक रेट 6.85 का है, जिसका मतलब है कि वह हर सात गेंद में लगभग एक विकेट लेते हैं। उन्होंने T20 इंटरनेशनल में दो बार पांच विकेट भी लिए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि कुलदीप यादव भारतीय टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण गेंदबाज हैं।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
भारतीय टीम में संजू सैमसन विकेटकीपर के रूप में खेले। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ओपनिंग के लिए उतरे। सूर्यकुमार यादव ने कप्तान के रूप में टीम की अगुवाई की। हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह मिडिल ऑर्डर में थे। गेंदबाजी में हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती शामिल थे।
न्यूजीलैंड की तरफ से डेवोन कॉनवे और टिम सीफर्ट ने ओपनिंग की। सीफर्ट विकेटकीपर भी थे। रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन और डेरिल मिशेल बल्लेबाजी क्रम में थे। मिशेल सेंटनर ने कप्तानी की। जैकरी फाउल्क्स, मैट हेनरी, ईश सोढ़ी और जैकब डफी गेंदबाजी के लिए चुने गए।
कुलदीप की गेंदबाजी की खासियत
कुलदीप यादव की गेंदबाजी में सबसे बड़ी खासियत उनकी गूगली और रेगुलर चाइनामैन गेंद है। वह बाएं हाथ की कलाई से गेंद को घुमाते हैं, जिससे बल्लेबाज अक्सर धोखा खा जाते हैं। कुलदीप अपनी गेंद को हवा में अच्छे से उछालते हैं, जो बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के लिए उकसाता है।
फिलिप्स के आउट होने के तरीके से यह साफ होता है कि कुलदीप ने अपनी योजना को पूरी तरह से लागू किया। उन्होंने फिलिप्स को पहले कुछ गेंदों पर सहज खेलने दिया और फिर गूगली से उन्हें चकमा दे दिया। यह एक अनुभवी गेंदबाज की निशानी है।
मैच में भारत की स्थिति
जब फिलिप्स और रवींद्र के बीच साझेदारी बन रही थी, तब न्यूजीलैंड की टीम मजबूत स्थिति में दिख रही थी। लेकिन कुलदीप के इस विकेट ने पूरी तस्वीर बदल दी। भारतीय टीम को इस विकेट से बड़ा फायदा मिला और उन्होंने फिर से मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
हार्दिक पांड्या ने भी शानदार फील्डिंग करते हुए कैच पकड़ा, जो टीम के लिए बहुत जरूरी था। भारतीय टीम की फील्डिंग इस मैच में काफी अच्छी रही और उन्होंने कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं दिया।
आगे की रणनीति
भारतीय टीम के लिए कुलदीप यादव जैसे स्पिनर का होना बहुत बड़ा फायदा है। वह मिडिल ओवर्स में विकेट लेने की क्षमता रखते हैं, जो T20 क्रिकेट में बहुत जरूरी होता है। कुलदीप की गेंदबाजी से विरोधी टीम के बल्लेबाज हमेशा दबाव में रहते हैं।
आगे आने वाले मैचों में भी भारतीय टीम कुलदीप यादव पर भरोसा करेगी। उनकी गेंदबाजी टीम को बीच के ओवर्स में विकेट दिलाने में मदद करती है। फिलिप्स के खिलाफ उनका रिकॉर्ड दिखाता है कि वह अच्छे बल्लेबाजों को भी चुनौती दे सकते हैं।
कुलदीप यादव का यह प्रदर्शन एक बार फिर साबित करता है कि भारतीय क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी की एक मजबूत परंपरा है। कुलदीप इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और भारतीय टीम के लिए मैच जिताने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।