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एयर इंडिया बोइंग 787 विमानों में तकनीकी गड़बड़ी: पायलट संघ ने सभी विमानों की जांच की मांग की

Air India Boeing 787 Technical Issues
Air India Boeing 787 Technical Issues: सुरक्षा कारणों से सभी विमानों की जांच आवश्यक
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एयर इंडिया के बोइंग 787 विमानों में हाल ही में दो तकनीकी गड़बड़ियों के सामने आने के बाद पायलट संघ ने सभी विमानों को तत्काल जमीनी जांच के लिए रोकने और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की विशेष जाँच कराने की मांग की है। यह घटनाएँ पिछले एक सप्ताह में सामने आईं, जिससे हवाई सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।

हाल की घटनाएँ और पायलट संघ की प्रतिक्रिया

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू को एक पत्र भेजकर कहा कि एयर इंडिया के सभी बोइंग 787 विमानों की इलेक्ट्रिकल प्रणालियों की पूरी तरह से जांच की जाए और एयर इंडिया के रखरखाव का विशेष ऑडिट किया जाए। संघ का कहना है कि अहमदाबाद में 12 जून को हुए दुर्घटना के बाद से एयर इंडिया के 787 विमानों में तकनीकी गड़बड़ियों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

पत्र के अनुसार, 9 अक्टूबर को वियना से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI154 को तकनीकी गड़बड़ी के कारण दुबई में डायवर्ट करना पड़ा। विमान के ऑटोपायलट सिस्टम में अचानक खराबी आ गई थी, जिससे कई अन्य तकनीकी प्रणालियों में भी समस्या उत्पन्न हुई। पायलटों को विमान को हाथ से नियंत्रित करना पड़ा और सुरक्षित लैंडिंग के लिए मार्ग बदलना पड़ा।

इलेक्ट्रिकल सिस्टम की गड़बड़ी और सुरक्षा चिंता

FIP ने बताया कि विमान VT-ANC में ऑटोपायलट, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियों में समस्याएँ सामने आई। एयर इंडिया ने हालांकि यह दावा किया कि विमान में इलेक्ट्रिकल फेल्योर नहीं हुआ, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण विमान को दुबई डायवर्ट करना पड़ा।

वहीं 4 अक्टूबर को अमृतसर से बर्मिंघम जाने वाली फ्लाइट AI117 में रैम एयर टरबाइन (RAT) का अचानक और अनियंत्रित रूप से सक्रिय होना देखा गया। RAT एक आपातकालीन ऊर्जा प्रणाली है जो गंभीर इलेक्ट्रिकल या हाइड्रोलिक फेल्यर की स्थिति में स्वतः सक्रिय होती है। ऐसी घटना बेहद असामान्य मानी जाती है।

DGCA की जांच और आगे की कार्रवाई

सीनियर DGCA अधिकारी के अनुसार, दोनों विमानों के कॉकटप वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को दिल्ली में डाउनलोड कर जाँच की जाएगी। FIP ने कहा कि नए नियुक्त एयर इंडिया इंजीनियरों के आने के बाद विमानों में तकनीकी समस्याएँ बढ़ रही हैं। इससे पहले सरकारी स्वामित्व वाली एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज (AIESL) द्वारा रखरखाव किए जाने पर ऐसी समस्याएँ कम ही आती थीं।

पायलट संघ की विशेष मांगें

FIP ने सरकार से निम्नलिखित कदम उठाने की अपील की है:

  1. AI117 और AI154 के हालिया घटनाओं की पूरी जांच। 
  2. एयर इंडिया के सभी बोइंग 787 विमानों को जमीनी जांच के लिए रोकना और इलेक्ट्रिकल सिस्टम समेत सभी रिपीटिव समस्याओं की जाँच। 
  3. एयर इंडिया का विशेष ऑडिट कराना, जिसमें FSD और DGCA के वरिष्ठ स्टाफ द्वारा विमानों की एयर सेफ्टी और एयरवर्थिनेस की समीक्षा शामिल हो। 

FIP ने कहा कि ये कदम एयर सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य हैं क्योंकि पिछले कुछ समय में दो गंभीर घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि विमानों का रखरखाव पूरी तरह प्रभावी नहीं है।


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Asfi Shadab

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