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कुछ ही देर में निकलेगी अजीत पवार की अंतिम यात्रा, 11 बजे होगा अंतिम संस्कार

कुछ ही देर में निकलेगी अजीत पवार की अंतिम यात्रा, 11 बजे होगा अंतिम संस्कार
कुछ ही देर में निकलेगी अजीत पवार की अंतिम यात्रा

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अंतिम यात्रा आज सुबह 9 बजे शुरू होगी और 11 बजे अंतिम संस्कार होगा। राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। विमान हादसे की जांच जारी है और कई बड़े नेता अंतिम विदाई में शामिल हो सकते हैं।

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Dipali Kumari
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Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए कल का दिन बेहद भावुक और भारी रहा। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। कल बुधवार को अजीत पवार का निधन एक विमान हादसे में हो गया। लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी जान चली गई। उनके निधन की खबर ने न केवल राजनीतिक गलियारों को झकझोर दिया, बल्कि आम लोगों के दिलों में भी गहरा शोक छोड़ दिया है। आज गुरुवार को उनकी अंतिम यात्रा के दौरान महाराष्ट्र उन्हें अंतिम विदाई देगा।

अजीत पवार का पार्थिव शरीर एक सजी हुई विशेष गाड़ी में अंतिम यात्रा के लिए ले जाया जाएगा। फूलों से सजी इस गाड़ी पर उनकी तस्वीर लगाई गई है और एक बोर्ड पर लिखा है—“स्वर्गीय अजीतदादा पवार अमर रहें”। यह दृश्य हर उस व्यक्ति को भावुक कर देगा, जिसने कभी उन्हें देखा, सुना या उनके काम को महसूस किया।

सुबह 10 बजे शुरू होगी अंतिम यात्रा

अजीत पवार की अंतिम यात्रा सुबह 10 बजे विद्या प्रतिष्ठान कैंपस (गडीमा) से शुरू होगी। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। माना जा रहा है कि रास्ते भर हजारों लोग फूलों और नम आंखों से उन्हें विदाई देंगे।

अंतिम यात्रा का समापन विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पर होगा, जहां सुबह 11 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से जानकारी दी गई है कि अजीत पवार के अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हो सकते हैं।

पूरे महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक

महाराष्ट्र सरकार ने अजीत पवार के निधन पर पूरे राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। यह शोक 28 जनवरी से शुरू होकर 30 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। साथ ही राज्य में कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

बारामती विमान हादसे की जांच शुरू

पुणे जिले के बारामती में हुए इस विमान हादसे को लेकर पुलिस ने दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, यह एडीआर बारामती तालुका पुलिस थाने में दर्ज की गई है। तय प्रक्रिया के तहत इस मामले को अब महाराष्ट्र आपराधिक जांच विभाग को सौंपा जाएगा।

विमान हादसे की तकनीकी और कारणों से जुड़ी जांच वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही है। यह ब्यूरो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन काम करता है। जांच एजेंसियां हादसे के हर पहलू को खंगाल रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किन कारणों से हुई।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।