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पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, देखिए VIDEO

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, देखिए VIDEO
पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार (Pic Credit- X @gautam_adani)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार का गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटों ने मुखाग्नि दी। भारी जनसैलाब अंतिम विदाई में शामिल हुआ। विमान दुर्घटना में निधन से राज्य की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा हुआ।

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Dipali Kumari
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Ajit Pawar: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार के साथ ही अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो गए। यह दृश्य न केवल राजनीतिक गलियारों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी बेहद भावुक करने वाला रहा।

उनके बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा पवार परिवार एकजुट नजर आया। अंतिम विदाई के क्षणों में परिवार की आंखों में गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था। जिस नेता को लोग वर्षों तक सत्ता और संगठन में सक्रिय देखते रहे, आज वही हमेशा के लिए शांत हो गया।

पंचतत्व में विलीन हुए प्रभावशाली नेता

अजित पवार के अंतिम संस्कार के समय भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब यह दिखा रहा था कि अजित पवार का प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। लोग मंच के सामने लगातार ‘अजित दा अमर रहे’ के नारे लगाते रहे। यह नारे किसी राजनीतिक औपचारिकता से ज्यादा, एक भावनात्मक विदाई का प्रतीक थे।

अंतिम संस्कार के दौरान पूरे विधि-विधान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। राजकीय सम्मान के साथ हुए इस संस्कार ने उनके सार्वजनिक जीवन की अहमियत को दर्शाया।

बारामती में जुटा जनसमूह

इससे पहले बुधवार शाम अजित पवार के पार्थिव शरीर को पुणे जिले के बारामती स्थित एक शिक्षण संस्थान में लाया गया था। वहां शोक में डूबे राकांपा कार्यकर्ता, स्थानीय निवासी और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे। हर चेहरा दुख और अविश्वास से भरा हुआ था।

लोगों के लिए यह मान पाना कठिन था कि जिन अजित पवार को वे रोज सक्रिय राजनीति में देखते थे, वे अब सिर्फ स्मृतियों में रह गए हैं।

अंतिम संस्कार में पहुंचे बड़े नेता

अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए कई बड़े नेता बारामती पहुंचे। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि अजित पवार का कद पार्टी सीमाओं से कहीं बड़ा था।

राजनीतिक मतभेदों से अलग, यह क्षण एक नेता को श्रद्धांजलि देने का था, और इस मौके पर विभिन्न दलों के नेता एक साथ नजर आए।

विमान दुर्घटना में हुआ था निधन

अजित पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह पुणे जिले में बारामती हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान बारामती में उतर रहा था। इस दुर्घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया।

66 वर्षीय अजित पवार के अचानक चले जाने से राज्य की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। महाराष्ट्र की भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के लिए यह एक बड़ी क्षति मानी जा रही है।

राकांपा के भविष्य पर उठे सवाल

अजित पवार के निधन से उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। अजित पवार का नेतृत्व लंबे समय तक पार्टी की पहचान रहा, और उनके जाने से यह खालीपन साफ महसूस किया जा रहा है।

हादसे की जांच जारी

एक अधिकारी के अनुसार, विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विमान से बरामद किए जाने वाले ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण किया जाएगा। इसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं। जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।