Ajit Pawar: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार के साथ ही अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो गए। यह दृश्य न केवल राजनीतिक गलियारों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी बेहद भावुक करने वाला रहा।
उनके बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा पवार परिवार एकजुट नजर आया। अंतिम विदाई के क्षणों में परिवार की आंखों में गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था। जिस नेता को लोग वर्षों तक सत्ता और संगठन में सक्रिय देखते रहे, आज वही हमेशा के लिए शांत हो गया।
पंचतत्व में विलीन हुए प्रभावशाली नेता
अजित पवार के अंतिम संस्कार के समय भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब यह दिखा रहा था कि अजित पवार का प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। लोग मंच के सामने लगातार ‘अजित दा अमर रहे’ के नारे लगाते रहे। यह नारे किसी राजनीतिक औपचारिकता से ज्यादा, एक भावनात्मक विदाई का प्रतीक थे।
अंतिम संस्कार के दौरान पूरे विधि-विधान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। राजकीय सम्मान के साथ हुए इस संस्कार ने उनके सार्वजनिक जीवन की अहमियत को दर्शाया।
बारामती में जुटा जनसमूह
इससे पहले बुधवार शाम अजित पवार के पार्थिव शरीर को पुणे जिले के बारामती स्थित एक शिक्षण संस्थान में लाया गया था। वहां शोक में डूबे राकांपा कार्यकर्ता, स्थानीय निवासी और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे। हर चेहरा दुख और अविश्वास से भरा हुआ था।
लोगों के लिए यह मान पाना कठिन था कि जिन अजित पवार को वे रोज सक्रिय राजनीति में देखते थे, वे अब सिर्फ स्मृतियों में रह गए हैं।
#WATCH बारामती: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उनके बेटे, पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी। pic.twitter.com/Z8U9nP8nut
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 29, 2026
अंतिम संस्कार में पहुंचे बड़े नेता
अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए कई बड़े नेता बारामती पहुंचे। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि अजित पवार का कद पार्टी सीमाओं से कहीं बड़ा था।
राजनीतिक मतभेदों से अलग, यह क्षण एक नेता को श्रद्धांजलि देने का था, और इस मौके पर विभिन्न दलों के नेता एक साथ नजर आए।
विमान दुर्घटना में हुआ था निधन
अजित पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह पुणे जिले में बारामती हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान बारामती में उतर रहा था। इस दुर्घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया।
66 वर्षीय अजित पवार के अचानक चले जाने से राज्य की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। महाराष्ट्र की भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के लिए यह एक बड़ी क्षति मानी जा रही है।
राकांपा के भविष्य पर उठे सवाल
अजित पवार के निधन से उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। अजित पवार का नेतृत्व लंबे समय तक पार्टी की पहचान रहा, और उनके जाने से यह खालीपन साफ महसूस किया जा रहा है।
हादसे की जांच जारी
एक अधिकारी के अनुसार, विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विमान से बरामद किए जाने वाले ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण किया जाएगा। इसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं। जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।