Messi Event Kolkata: कोलकाता, जिसे देश की फुटबॉल राजधानी कहा जाता है, वहां शनिवार का दिन फुटबॉल प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक होना था। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के सम्मान में आयोजित समारोह से लोगों को यादगार पल मिलने की उम्मीद थी। लेकिन वही दिन अव्यवस्था, गुस्से और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया। सॉल्ट लेक स्टेडियम में जो हुआ, उसने न सिर्फ आयोजकों की तैयारियों पर सवाल खड़े किए, बल्कि राज्य सरकार की छवि पर भी असर डाला।
हजारों की संख्या में जुटे दर्शक अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने को बेताब थे। लेकिन जैसे ही मेस्सी स्टेडियम की परिक्रमा के लिए निकले, माहौल अचानक बदल गया। कुछ ही मिनटों में उत्साह आक्रोश में तब्दील हो गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
सम्मान समारोह से हंगामे तक का सफर
मेस्सी के स्टेडियम में प्रवेश करते ही दर्शकों में हलचल बढ़ गई। लोगों का आरोप था कि मेस्सी को वीवीआईपी घेरकर रखे हुए थे, जिससे आम दर्शकों को उन्हें देखने का मौका नहीं मिल सका। हजारों रुपये खर्च कर टिकट खरीदने वाले प्रशंसकों को जब यह अहसास हुआ कि वे अपने हीरो को ठीक से देख नहीं पाएंगे, तो गुस्सा फूट पड़ा।
बोतलों से लेकर तोड़फोड़ तक
गुस्साए दर्शकों ने पहले पानी की बोतलें फेंकीं और फिर स्टेडियम के भीतर उतरकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सियां उखाड़ी गईं, अव्यवस्था फैल गई और सुरक्षा घेरा टूट गया। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा कारणों से मेस्सी को निर्धारित समय से पहले ही स्टेडियम से बाहर निकालना पड़ा।
पुलिस लाठीचार्ज और घायल लोग
भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई लोग घायल हुए। जो आयोजन खेल और उत्सव का प्रतीक होना था, वह देखते ही देखते भय और अफरा-तफरी का दृश्य बन गया। आम दर्शकों के मन में यह सवाल उठता रहा कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय हस्ती के कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे।
मुख्यमंत्री का बीच रास्ते से लौटना
इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी स्थिति बिगड़ने की सूचना मिली। वह रास्ते से ही लौट गईं। बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस घटना पर दुख और हैरानी जताई। मुख्यमंत्री का इस तरह लौटना खुद इस बात का संकेत था कि हालात कितने गंभीर हो चुके थे।
ममता बनर्जी की माफी और जांच के आदेश
घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई अव्यवस्था से वह बेहद दुखी और हैरान हैं। उन्होंने न केवल हजारों खेल प्रेमियों से बल्कि स्वयं लियोनेल मेस्सी से भी माफी मांगी।
हाई लेवल जांच समिति का गठन
ममता बनर्जी ने जस्टिस (रिटायर्ड) असीम कुमार रे की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन की घोषणा की। इस समिति में मुख्य सचिव और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना की विस्तृत जांच करे, जिम्मेदारी तय करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाए।
राजनीतिक आरोप और घमासान
घटना के बाद राजनीति भी तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे पूरी तरह से कुप्रबंधन करार दिया और कहा कि वैश्विक दिग्गज के कार्यक्रम के लिए कोई ठोस योजना नहीं थी। भाजपा ने सुरक्षा की कमी और प्रशासनिक विफलता को लेकर राज्य सरकार को घेरा।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि उम्मीदों से भरे हजारों प्रशंसक मेस्सी को देख तक नहीं पाए, जबकि सत्ता पक्ष के नेता उन्हें घेरे रहे। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मनाक करार दिया और आयोजन क्षमता पर सवाल उठाए।