Rashtra Bharat Logo

मेस्सी के सम्मान समारोह में बवाल, सीएम ममता बनर्जी ने मांगी सार्वजनिक माफ़ी

मेस्सी के सम्मान समारोह में बवाल, सीएम ममता बनर्जी ने मांगी सार्वजनिक माफ़ी
Messi Event Kolkata: मेस्सी के सम्मान समारोह में मची अफरा-तफरी

कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में लियोनेल मेस्सी के सम्मान समारोह के दौरान भारी अव्यवस्था फैल गई। नाराज दर्शकों ने हंगामा और तोड़फोड़ की, पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माफी मांगते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Messi Event Kolkata: कोलकाता, जिसे देश की फुटबॉल राजधानी कहा जाता है, वहां शनिवार का दिन फुटबॉल प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक होना था। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के सम्मान में आयोजित समारोह से लोगों को यादगार पल मिलने की उम्मीद थी। लेकिन वही दिन अव्यवस्था, गुस्से और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया। सॉल्ट लेक स्टेडियम में जो हुआ, उसने न सिर्फ आयोजकों की तैयारियों पर सवाल खड़े किए, बल्कि राज्य सरकार की छवि पर भी असर डाला।

हजारों की संख्या में जुटे दर्शक अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने को बेताब थे। लेकिन जैसे ही मेस्सी स्टेडियम की परिक्रमा के लिए निकले, माहौल अचानक बदल गया। कुछ ही मिनटों में उत्साह आक्रोश में तब्दील हो गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

सम्मान समारोह से हंगामे तक का सफर

मेस्सी के स्टेडियम में प्रवेश करते ही दर्शकों में हलचल बढ़ गई। लोगों का आरोप था कि मेस्सी को वीवीआईपी घेरकर रखे हुए थे, जिससे आम दर्शकों को उन्हें देखने का मौका नहीं मिल सका। हजारों रुपये खर्च कर टिकट खरीदने वाले प्रशंसकों को जब यह अहसास हुआ कि वे अपने हीरो को ठीक से देख नहीं पाएंगे, तो गुस्सा फूट पड़ा।

बोतलों से लेकर तोड़फोड़ तक

गुस्साए दर्शकों ने पहले पानी की बोतलें फेंकीं और फिर स्टेडियम के भीतर उतरकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सियां उखाड़ी गईं, अव्यवस्था फैल गई और सुरक्षा घेरा टूट गया। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा कारणों से मेस्सी को निर्धारित समय से पहले ही स्टेडियम से बाहर निकालना पड़ा।

पुलिस लाठीचार्ज और घायल लोग

भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई लोग घायल हुए। जो आयोजन खेल और उत्सव का प्रतीक होना था, वह देखते ही देखते भय और अफरा-तफरी का दृश्य बन गया। आम दर्शकों के मन में यह सवाल उठता रहा कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय हस्ती के कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे।

मुख्यमंत्री का बीच रास्ते से लौटना

इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी स्थिति बिगड़ने की सूचना मिली। वह रास्ते से ही लौट गईं। बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस घटना पर दुख और हैरानी जताई। मुख्यमंत्री का इस तरह लौटना खुद इस बात का संकेत था कि हालात कितने गंभीर हो चुके थे।

ममता बनर्जी की माफी और जांच के आदेश

घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई अव्यवस्था से वह बेहद दुखी और हैरान हैं। उन्होंने न केवल हजारों खेल प्रेमियों से बल्कि स्वयं लियोनेल मेस्सी से भी माफी मांगी।

हाई लेवल जांच समिति का गठन

ममता बनर्जी ने जस्टिस (रिटायर्ड) असीम कुमार रे की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन की घोषणा की। इस समिति में मुख्य सचिव और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना की विस्तृत जांच करे, जिम्मेदारी तय करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाए।

राजनीतिक आरोप और घमासान

घटना के बाद राजनीति भी तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे पूरी तरह से कुप्रबंधन करार दिया और कहा कि वैश्विक दिग्गज के कार्यक्रम के लिए कोई ठोस योजना नहीं थी। भाजपा ने सुरक्षा की कमी और प्रशासनिक विफलता को लेकर राज्य सरकार को घेरा।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि उम्मीदों से भरे हजारों प्रशंसक मेस्सी को देख तक नहीं पाए, जबकि सत्ता पक्ष के नेता उन्हें घेरे रहे। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मनाक करार दिया और आयोजन क्षमता पर सवाल उठाए।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।