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प्रेमानंद महाराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इस्कॉन और प्रेम मंदिर के भी किये दर्शन

प्रेमानंद महाराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इस्कॉन और प्रेम मंदिर के भी किये दर्शन
प्रेमानंद महाराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इस्कॉन और प्रेम मंदिर के भी किये दर्शन (Pic Credit- X @RadhaKeliKunj)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर आध्यात्मिक संवाद किया। ब्रज दौरे के दौरान उन्होंने प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। भक्ति, परंपरा और सहज संवाद से भरा यह दौरा खास और यादगार बन गया।

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Dipali Kumari
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Draupadi Murmu meets Pramanand Maharaj: ब्रज प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम आध्यात्मिक रंग में डूबा नजर आया। वृंदावन पहुंचकर उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की, जो इस दौरे का सबसे खास पल बन गया। राधा केली कुंज आश्रम में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच करीब 27 मिनट तक बातचीत चली। मुलाकात के अंत में आश्रम की ओर से राष्ट्रपति को प्रसाद स्वरूप दुपट्टा, माला और प्रसाद भेंट किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ मौजूद रहीं।

प्रेमानंद महाराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
प्रेमानंद महाराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Pic Credit- X @RadhaKeliKunj)

प्रेमानंद महाराज ने ‘राधे-राधे’ कह किया स्वागत

आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज ने ‘राधे-राधे’ कहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया। माहौल बेहद सहज और भक्ति से भरा हुआ था। बातचीत के दौरान आध्यात्म, समाज और ब्रज की परंपराओं पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नाम जप की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यही जीवन को सरल और सार्थक बनाने का मार्ग है।

प्रेमानंद महाराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
प्रेमानंद महाराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Pic Credit- X @RadhaKeliKunj)

राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर में की पूजा

इससे पहले दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर पहुंचकर भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए थे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं। मंदिर में चल रहे संकीर्तन और भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया था। उन्होंने मंदिर में आयोजित लेजर शो भी देखा और परिसर की परिक्रमा की।

इस्कॉन मंदिर वृंदावन पहुंची राष्ट्रपति

प्रेम मंदिर के बाद राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर वृंदावन का भी दौरा किया। यहां उन्होंने भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के नृत्य को उन्होंने सराहा और कुछ समय ध्यान में भी बिताया।

पूरे दौरे के दौरान वृंदावन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। मंदिर परिसरों में भी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।