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‘मेरे बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं’, जमानत पर बाहर आने के बाद पहली बार बोलीं सोनम रघुवंशी

‘मेरे बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं’, जमानत पर बाहर आने के बाद पहली बार बोलीं सोनम रघुवंशी
'मेरे बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं', जमानत पर बाहर आने के बाद पहली बार बोलीं सोनम रघुवंशी (File photo)

राजा रघुवंशी हत्याकांड में जमानत पर जेल से बाहर आई सोनम रघुवंशी ने पहली बार मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अपने खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों को गलत बताया और कहा कि मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए वह इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकती हैं।

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Dipali Kumari
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Sonam Raghuvanshi: राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी मानी जा रही सोनम रघुवंशी ने जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद पहली बार मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। सोनम ने कहा कि उनके बारे में कई तरह की गलत बातें फैलाई जा रही हैं और लोगों को इन अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

मीडिया से बातचीत में सोनम ने कहा, “मेरे बारे में अफवाह फैलाई जा रही है। कृपया इन बातों पर ध्यान न दें। मामला अभी कोर्ट में चल रहा है, इसलिए मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोल सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि वह कोर्ट के हर फैसले का सम्मान करती हैं और आगे भी करती रहेंगी।

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि मई 2025 में मध्य प्रदेश के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय के शिलॉन्ग में हत्या कर दी गई थी। उस समय राजा अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून पर गए थे। शादी के कुछ ही दिनों बाद हुई इस हत्या ने पूरे देश को चौंका दिया था। बाद में जांच में सोनम का नाम भी सामने आया और उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया।

सोनम रघुवंशी को मिली है सशर्त जमानत

हाल ही में सोनम को सशर्त जमानत मिली है। जमानत की शर्तों के अनुसार वह फिलहाल शिलॉन्ग से बाहर नहीं जा सकती हैं। सोनम ने मीडिया को बताया कि वह अभी भी शिलॉन्ग में ही रह रही हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से उन्होंने अपने रहने की जगह का खुलासा करने से इनकार कर दिया।

सोनम ने यह भी दावा किया कि वह अपना खर्च खुद उठा रही हैं और किसी से आर्थिक मदद नहीं ले रही हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह खर्च के लिए पैसे कहां से ला रही हैं, तो उन्होंने इस बारे में जानकारी देने से मना कर दिया।

नेपाल भागने की अफवाह झूठी

जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में यह चर्चा भी हुई थी कि सोनम नेपाल भाग सकती हैं या वहां चली गई हैं। इन खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वह शिलॉन्ग से बाहर नहीं गई हैं और उनके बारे में फैलाई जा रही ऐसी बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें।

सोनम के परिवार वालों ने तोड़ा रिश्ता

वहीं दूसरी ओर, सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी पहले ही कह चुके हैं कि परिवार ने उनसे दूरी बना ली है। उनका कहना है कि परिवार ने सोनम के लिए कोई वकील तक नहीं किया है और उसे उसके हाल पर छोड़ दिया है। परिवार ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि सोनम इंदौर लौटती हैं तो उन्हें घर में नहीं रखा जाएगा।

फिलहाल यह मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है और सभी की नजरें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।