Rashtra Bharat Logo

PM मोदी के योग दिवस कार्यक्रम पर विवाद! 1 घंटे के प्रोग्राम के लिए 7 दिन सड़क बंद करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

PM मोदी के योग दिवस कार्यक्रम पर विवाद! 1 घंटे के प्रोग्राम के लिए 7 दिन सड़क बंद करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती
PM मोदी के योग दिवस कार्यक्रम पर विवाद! 7 दिन सड़क बंद करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता दौरे से पहले ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रेड रोड और आसपास की सड़कों को सात दिनों तक बंद रखने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। अब इस मामले पर अदालत की नजर है।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

International Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के अवसर पर कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले हैं। हालांकि, आयोजन से पहले ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। रेड रोड और उससे जुड़ी कई प्रमुख सड़कों को सात दिनों तक बंद रखने के प्रशासनिक फैसले के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।

वकील संघ ने दायर की याचिका

जानकारी के अनुसार, एक वकील संघ ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी नोटिफिकेशन को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि योग दिवस पर प्रस्तावित कार्यक्रम केवल करीब एक घंटा 15 मिनट का है, लेकिन इसके लिए रेड रोड और आसपास के मार्गों को पूरे सात दिनों तक बंद रखना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

जानिए याचिका में क्या कहा गया

हाईकोर्ट में पेश याचिका में कहा गया है कि सड़क बंद रहने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और दैनिक जीवन पर असर पड़ेगा। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए उचित एवं बाधारहित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। बुधवार को इस मामले का अदालत में उल्लेख किया गया, जिसके बाद इस पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

योग दिवस पर कोलकाता में भव्य आयोजन

वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। राज्य सरकार और केंद्रीय आयुष मंत्रालय की संयुक्त पहल पर कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सबसे बड़ा आयोजन कोलकाता के रेड रोड पर होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लेंगे।

 गंगा नदी में 500 नावों पर एक साथ होगा योग

इसके अलावा 20 जून को गंगा नदी में 500 नावों पर एक साथ योग करने का विशेष कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन अपने आप में अनूठा होगा और इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने की भी तैयारी की जा रही है। गंगा के किनारे और नदी के बीच बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।