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PSLV-C62 मिशन की विफलता के बीच स्पेनिश कैप्सूल का सुरक्षित बचाव

PSLV-C62 मिशन की विफलता के बीच स्पेनिश कैप्सूल का सुरक्षित बचाव
ISRO PSLV-C62 Mission Failure: इसरो के असफल मिशन में भी स्पेनिश कैप्सूल सुरक्षित (File Photo)

PSLV-C62 मिशन चौथे चरण में तकनीकी गड़बड़ी के कारण असफल रहा। डीआरडीओ का ईओएस-एन1 उपग्रह कक्षा में नहीं पहुंच सका। इसी बीच स्पेन की कंपनी ऑर्बिटल पैराडाइम का केस्ट्रेल कैप्सूल सभी मुश्किल हालात में सुरक्षित रहा और डेटा भेजने में सफल हुआ।

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Asfi Shadab
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भारत का भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह सफलता नहीं बल्कि विफलता है। सोमवार को इसरो का PSLV-C62मिशन अपने तय लक्ष्य को पूरा नहीं कर सका। हालांकि इस असफलता के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।

PSLV-C62 रॉकेट में भारत और कई देशों के कुल 16 उपग्रह लगे थे। इनमें डीआरडीओ का खास अर्थ ऑब्जर्वेशन उपग्रह ईओएस-एन1 भी शामिल था। रॉकेट ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में गड़बड़ी ने पूरे मिशन को रोक दिया।

PSLV-C62 मिशन में क्या हुआ

इसरो ने सोमवार सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C62 का प्रक्षेपण किया। यह इसरो का वर्ष 2026 का पहला मिशन था। रॉकेट के पहले तीन चरण पूरी तरह सफल रहे और सब कुछ सामान्य दिख रहा था।

लेकिन जैसे ही चौथे चरण की शुरुआत हुई, रॉकेट अपने तय रास्ते से भटक गया। इसके कारण उपग्रहों को सही कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। इसी के साथ मिशन को असफल घोषित कर दिया गया।

इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने खुद इस विफलता की पुष्टि की और बताया कि वैज्ञानिक इसकी जांच कर रहे हैं।

इसरो प्रमुख ने क्या कहा

मिशन कंट्रोल सेंटर से बात करते हुए इसरो प्रमुख ने कहा कि शुरुआती तीन चरणों में कोई समस्या नहीं आई थी। चौथे चरण में अचानक एक तकनीकी गड़बड़ी देखी गई, जिससे रॉकेट का संतुलन बिगड़ गया।

उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की टीम सभी आंकड़ों की जांच कर रही है और जल्द ही इस विफलता की सही वजह सामने लाई जाएगी।

स्पेनिश स्टार्टअप की चौंकाने वाली सफलता

इस मिशन में स्पेन की एक निजी कंपनी ऑर्बिटल पैराडाइम का केस्ट्रेल इनिशियल डेमोंस्ट्रेटर कैप्सूल भी शामिल था। यह एक छोटा सा प्रयोगात्मक कैप्सूल था, जिसका वजन लगभग 25 किलो था और आकार फुटबॉल जैसा था।

रॉकेट की विफलता के बाद माना जा रहा था कि सभी पेलोड नष्ट हो गए होंगे। लेकिन ऑर्बिटल पैराडाइम ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया।

कंपनी के अनुसार, उनका कैप्सूल सभी मुश्किल हालात के बावजूद सुरक्षित रूप से रॉकेट से अलग हो गया और सक्रिय भी रहा।

सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी

ऑर्बिटल पैराडाइम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उनका कैप्सूल रॉकेट से अलग होने के बाद तीन मिनट से अधिक समय तक डेटा भेजता रहा।

कंपनी ने कहा कि कैप्सूल ने बहुत ज्यादा गर्मी और करीब 28 गुना गुरुत्वाकर्षण दबाव को सहा। इसके बावजूद कैप्सूल के अंदर का तापमान नियंत्रण में रहा और जरूरी जानकारी पृथ्वी तक पहुंचाई गई।

यह किसी भी निजी अंतरिक्ष कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय पेलोड भी थे शामिल

PSLV-C62 मिशन में भारत के अलावा मॉरीशस, नेपाल और अन्य देशों के उपग्रह भी शामिल थे। इनमें कक्षा में ईंधन भरने से जुड़ा एक प्रयोगात्मक उपग्रह भी था।

हालांकि मिशन असफल रहा, लेकिन इससे मिले आंकड़े भविष्य के मिशनों को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

इसरो के लिए क्या मायने रखती है यह विफलता

पीएसएलवी को इसरो का सबसे भरोसेमंद रॉकेट माना जाता है। ऐसे में यह विफलता जरूर चिंता का विषय है, लेकिन अंतरिक्ष विज्ञान में असफलताएं भी सीख का बड़ा जरिया होती हैं।

इसरो पहले भी कई बार विफलताओं से उबरकर और मजबूत बनकर उभरा है। उम्मीद है कि इस बार भी वैज्ञानिक जल्द ही समस्या का हल निकालेंगे।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।