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आंध्र प्रदेश को आश्रय क्षेत्र बनाने की नक्सली योजना विफल, सुरक्षा बलों की व्यापक कार्रवाई से बड़ा खुलासा

Maoists Shelter Plan
Maoists Shelter Plan: आंध्र प्रदेश में आश्रय बनाकर आंदोलन पुनर्जीवित करने की नक्सली मंशा उजागर (Photo: IANS)

आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों की सटीक खुफिया आधारित कार्रवाई से माओवादियों की वह योजना विफल हो गई, जिसके तहत वे राज्य को आश्रय क्षेत्र बनाकर आंदोलन को दोबारा सक्रिय करना चाहते थे। हिड़मा सहित कई शीर्ष नक्सलियों के मारे जाने और 50 कैडरों की गिरफ्तारी से उनकी संरचना को बड़ा झटका लगा है।

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नक्सलियों की व्यापक योजना का पर्दाफ़ाश

आंध्र–ओडिशा सीमांत क्षेत्र को नया आधार बनाने की कोशिश नाकाम

आंध्र प्रदेश में खुफिया तंत्र और सुरक्षा बलों की संयुक्त, निरंतर और रणनीतिक कार्रवाई ने नक्सलियों की उस गुप्त योजना को उजागर कर दिया है, जिसके तहत माओवादी दस्ता राज्य को नए आश्रय क्षेत्र के रूप में उपयोग करते हुए अपने संगठन को पुनर्जीवित करना चाहता था। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते दबाव और सुरक्षा बलों की प्रबल गतिविधियों के कारण माओवादी समूह सुरक्षित ठिकानों की तलाश में थे और इस क्रम में उन्होंने आंध्र प्रदेश को अपनी रणनीतिक योजना में शामिल किया था।

माओवादी गतिविधियों की खुफिया निगरानी

आंध्र प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) महेश चंद्र लड्ढा ने बताया कि पिछले कुछ सप्ताह से छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से माओवादी समूहों की असामान्य आवाजाही की खुफिया सूचना प्राप्त हो रही थी। इसके आधार पर पुलिस और स्पेशल फोर्स ने लगातार निगरानी रखी और उचित समय आने पर व्यापक अभियान शुरू किया।

मुठभेड़ में शीर्ष कमांडर ढेर

18 नवंबर की सुबह ऑलूरी सीताराम राजू जिले में हुई मुठभेड़ में माओवादी केंद्रीय समिति सदस्य और कुख्यात कमांडर मदवी हिड़मा सहित छह माओवादी मार गिराए गए। यह वही क्षेत्र है जहाँ एक दिन पूर्व भी सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में कई नक्सलियों को ढेर किया था। ये घटनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि माओवादी बड़े समूह में सीमांत क्षेत्र में डेरा जमाने की कोशिश कर रहे थे।

पाँच जिलों से 50 माओवादी गिरफ्तार

इसके बाद 19 नवंबर को आंध्र प्रदेश के पाँच जिलों – एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, काकीनाडा और कोनसीमा – में एक साथ चलाए गए अभियान में 50 माओवादी कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए। सभी गिरफ्तार सदस्य छत्तीसगढ़ से आए थे और इनमें कई उच्च स्तरीय कमांडर, प्लाटून सदस्य तथा क्षेत्रीय समिति के प्रतिनिधि शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर वरिष्ठ माओवादी कैडरों को एक ही अभियान में पकड़ा गया।

हथियारों का भारी भंडार बरामद

पुलिस ने अभियान के दौरान 45 हथियार, 272 जिंदा कारतूस, 20 पैलेट, 280 कारतूस, संचार उपकरण, साहित्य और अन्य सामग्री जब्त की। यह इस बात का संकेत है कि माओवादी यहां दोबारा प्रभाव स्थापित करने की गहरी तैयारी कर रहे थे।

ड्रोन और विशेष बलों का उपयोग

एडीजी लड्ढा ने बताया कि माओवादियों की गतिविधि का पता लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर ड्रोन निगरानी का उपयोग किया गया। साथ ही OCTOPUS तथा Greyhounds जैसी विशेषज्ञ इकाइयों को अभियान में लगाया गया, जिससे कार्रवाई तेज, सटीक और प्रभावी रही।

पुलिस की रणनीति और समय का चयन

एडीजी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस जानबूझकर चुपचाप इन गतिविधियों पर नज़र रख रही थी, ताकि सही समय पर निर्णायक कार्रवाई की जा सके। यदि जल्दबाज़ी में अभियान चलाया जाता तो संभव था कि कई महत्वपूर्ण माओवादी फरार हो जाते।

माओवादी आंदोलन पर बड़ी चोट

अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए माओवादियों में 27 सदस्य हिड़मा के बटालियन से थे। इसका अर्थ है कि माओवादी संरचना का एक बड़ा हिस्सा अब पुलिस की गिरफ्त में है। इस कार्रवाई से भविष्य में बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण होने की संभावना भी जताई जा रही है।

राज्यों के बीच समन्वय

आंध्र प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड पुलिस के साथ निरंतर समन्वय में यह अभियान चलाया। सभी राज्यों के खुफिया विभागों ने सूचनाओं के आदान–प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

माओवादियों को आत्मसमर्पण का आग्रह

एडीजी लड्ढा ने माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि उनके लिए पुनर्वास योजनाएँ उपलब्ध हैं और उन्हें कौशल विकास का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि माओवादी विचारधारा अब अप्रासंगिक हो चुकी है और लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।

2026 तक नक्सल–मुक्त भारत का लक्ष्य

उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा तय मार्च 2026 का लक्ष्य वास्तविक है और हाल की कार्रवाई के बाद इसकी संभावना और मज़बूत हुई है। नक्सलियों की ओर से संभावित प्रतिकार की आशंका को देखते हुए सभी सुरक्षा इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

यह समाचार IANS एजेंसी के इनपुट के आधार पर प्रकाशित किया गया है।

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Asfi Shadab

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