नागपुर में टोइंग व्यवस्था को लेकर बढ़ा विवाद
NCP protest against VIPL Decofurn towing company Nagpur: नागपुर। यातायात प्रबंधन के नाम पर निजी कंपनी वीआईपीएल-डेकोफर्न (‘VIPL-Decofurn’) द्वारा वाहन चालकों के कथित उत्पीड़न के विरोध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एनसीपी (NCP) ने मंगलवार को नागपुर में आक्रामक आंदोलन किया।
शहराध्यक्ष अनिल अहीरकर और जिलाध्यक्ष राजाभाऊ टाकसाले के नेतृत्व में, तथा शहर कार्याध्यक्ष श्रीकांत शिवणकर के विशेष आयोजन में, सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सिविल लाइंस स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर “धड़क मोर्चा” निकाला।

क्या हैं आरोप?
मोर्चे के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद आईएएस (IAS) से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि —
- ट्रैफिक पुलिस के आदेश के अनुसार वाहन उठाने से पहले लाउडस्पीकर से सूचना देना अनिवार्य है, लेकिन कंपनी के कर्मचारी बिना किसी सूचना के वाहन उठा ले जाते हैं।
- पार्टी नेताओं ने इसे “वाहन चोरी जैसी गुंडागर्दी” करार दिया।
- प्रति वाहन दंड पर कमीशन मिलने के कारण कंपनी अधिक से अधिक वाहन उठाने पर केंद्रित है।
- वाहन चालक मौके पर मौजूद होने के बावजूद गाड़ियाँ जबरन डेपो ले जाई जा रही हैं, जिससे वाहनों को नुकसान हो रहा है।
बिना सूचना वाहन उठाने पर लोगों में नाराजगी
एनसीपी (NCP) की तीन प्रमुख मांगें:
- तत्काल संयुक्त बैठक बुलाई जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
- निजी टोइंग ठेका रद्द कर व्यवस्था सरकारी नियंत्रण में ली जाए।
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक ठोस कदम उठाता है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र