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सांसद मनोज तिवारी के मुंबई वाले घर में बड़ी चोरी, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

सांसद मनोज तिवारी के मुंबई वाले घर में बड़ी चोरी, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार
सांसद मनोज तिवारी (File Photo)

बीजेपी सांसद और सिंगर मनोज तिवारी के मुंबई स्थित घर में 5.40 लाख रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। आरोप एक पूर्व कर्मचारी पर लगा है, जिसके पास डुप्लीकेट चाबियां थीं। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

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Dipali Kumari
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Manoj Tiwari: बीजेपी सांसद और भोजपुरी जगत के मशहूर सिंगर मनोज तिवारी के मुंबई स्थित घर में हुई चोरी की घटना ने न सिर्फ उनके चाहने वालों को चौंकाया है, बल्कि एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े शहरों में सुरक्षा और भरोसे की सीमा आखिर कहां तक है। अंधेरी वेस्ट के शास्त्री नगर इलाके में स्थित सुंदरबन अपार्टमेंट में हुई इस चोरी ने यह साफ कर दिया कि खतरा हमेशा बाहर से ही नहीं, कई बार घर के भीतर से भी निकल आता है।

इस मामले में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है, वह यह कि चोरी का आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि घर के एक पूर्व कर्मचारी पर लगा है। जिस व्यक्ति पर कभी घर की जिम्मेदारी थी, वही अब भरोसे को तोड़ने का आरोपी बन गया।

कैसे सामने आया चोरी का मामला

मनोज तिवारी के लंबे समय से मैनेजर रहे प्रमोद जोगिंदर पांडे ने अंबोली पुलिस स्टेशन में इस चोरी की शिकायत दर्ज कराई। प्रमोद पांडे पिछले करीब 20 वर्षों से मनोज तिवारी के साथ जुड़े हुए हैं और उनके बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं।

शिकायत में बताया गया कि मनोज तिवारी के बेडरूम से कुल 5.40 लाख रुपये नकद चोरी हुए हैं। इनमें से 4.40 लाख रुपये जून 2025 में ही एक अलमारी से गायब हो चुके थे, लेकिन उस समय न तो कोई सुराग मिला और न ही चोर की पहचान हो पाई।

पुरानी चोरी बनी नए खुलासे की वजह

जून 2025 में हुई चोरी को शुरुआत में एक सामान्य चूक या गलतफहमी माना गया, लेकिन जब जनवरी 2026 में दोबारा नकदी गायब हुई, तो घर के लोगों को शक हुआ। इसी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया गया और घर में CCTV कैमरे लगाए गए।

15 जनवरी 2026 की रात करीब 9 बजे घर में लगे CCTV कैमरे से एक अलर्ट मिला। फुटेज देखने पर साफ दिखाई दिया कि घर में घुसने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि वही व्यक्ति है जो कभी इस घर का कर्मचारी रह चुका था।

आरोपी की पहचान सुरेंद्रकुमार दीनानाथ शर्मा के रूप में हुई, जिसे लगभग दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। फुटेज में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास घर, बेडरूम और अलमारी की डुप्लीकेट चाबियां थीं।

चाबियों ने आसान बना दी चोरी

डुप्लीकेट चाबियों की वजह से आरोपी को न तो ताला तोड़ने की जरूरत पड़ी और न ही किसी तरह की जबरदस्ती करनी पड़ी। वह आराम से घर में दाखिल हुआ और करीब 1 लाख रुपये नकद लेकर निकल गया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई।

CCTV फुटेज के आधार पर अंबोली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने बातों को टालने की कोशिश की, लेकिन सबूत सामने आने के बाद उसने चोरी की बात कबूल कर ली।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले भी मौका पाकर घर से नकदी चुराई थी। इस बार वह कैमरे में कैद हो गया, जिससे उसकी साजिश उजागर हो गई।

अंबोली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सभी CCTV फुटेज जब्त कर लिए हैं और यह भी जांच की जा रही है कि चोरी की गई रकम कहां और कैसे खर्च की गई।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।