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61 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा, पीएम मोदी ने दिए नियुक्ति पत्र

61 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा, पीएम मोदी ने दिए नियुक्ति पत्र
पीएम मोदी (File Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें रोजगार मेले में 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण बताते हुए युवाओं को संविधान, कर्तव्य और ईमानदारी के साथ सेवा करने का संदेश दिया।

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Dipali Kumari
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PM Modi Rozgar Mela: देशभर के युवाओं के लिए शनिवार का दिन खास बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18वें रोजगार मेले के तहत 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें अलग-अलग राज्यों और विभागों में चयनित अभ्यर्थी जुड़े रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी का कागज नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का निमंत्रण है। उन्होंने युवाओं को यह एहसास दिलाया कि अब उनका हर फैसला देश के भविष्य से जुड़ा होगा।

संविधान और कर्तव्यों की दिलाई याद

प्रधानमंत्री मोदी ने नवनियुक्त कर्मचारियों को संविधान के प्रति उनके दायित्वों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि नए साल की शुरुआत उनके जीवन में खुशियों के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी लेकर आई है। बसंत पंचमी के अवसर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे प्रकृति में बसंत आता है, वैसे ही युवाओं के जीवन में भी एक नया बसंत शुरू हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अब आपका कर्तव्य सीधे संविधान से जुड़ गया है और सरकारी सेवा में रहते हुए हर निर्णय ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लेना होगा।

विशेष तिथियों का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में देश के लिए महत्वपूर्ण तिथियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया गया और 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया।

पीएम मोदी ने यह भी याद दिलाया कि आज ही के दिन संविधान ने जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी थी। ऐसे ऐतिहासिक दिन पर युवाओं को नौकरी मिलना अपने-आप में एक शुभ संकेत है।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिन 61 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं, वे देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले स्तंभ बनेंगे। कोई देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा, कोई स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएगा, तो कोई शिक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सेवा भाव से काम करने का अवसर है और यही सोच भारत को आगे बढ़ाएगी।

सरकारी नौकरियों को मिशन मोड में लाने का प्रयास

पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं को रोजगार देना उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। इसी उद्देश्य से रोजगार मेले की शुरुआत की गई थी, ताकि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता आए और युवाओं को समय पर अवसर मिल सके।

उन्होंने बताया कि बीते कुछ वर्षों में रोजगार मेला एक मजबूत व्यवस्था बन चुका है, जिसके जरिए लाखों युवाओं को अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में नियुक्ति मिली है। यह प्रक्रिया लगातार तेज और प्रभावी बनाई जा रही है।

दुनिया के सबसे युवा देशों में भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि युवा शक्ति को सही दिशा और पर्याप्त अवसर मिलें।

उन्होंने कहा कि कौशल विकास, स्टार्टअप्स, स्वरोजगार और सरकारी नौकरियों के साथ-साथ अब अंतरराष्ट्रीय अवसरों पर भी फोकस किया जा रहा है।

व्यापार समझौतों से खुलेंगे नए रास्ते

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काम कर रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ FTA को लेकर बातचीत जारी है, जबकि दिसंबर 2025 में न्यूजीलैंड के साथ समझौता पूरा हो चुका है। ये समझौते आने वाले समय में भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक मंच खोलेंगे।

युवाओं से अपेक्षा और संदेश

प्रधानमंत्री ने अंत में युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें और पूरी निष्ठा से काम करें। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने की असली ताकत युवा ही हैं और सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।