लोकसभा में हंगामा और राहुल गांधी का बड़ा आरोप
Rahul Gandhi Loksabha Speech: सोमवार को लोकसभा में एक बार फिर हंगामा देखने को मिला जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे पर बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि सरकार इस बात से डरी हुई है कि अगर पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब में लिखी बातें सामने आ गईं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की असलियत देश के सामने आ जाएगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर राहुल गांधी का सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि वह पूर्व सेना प्रमुख की रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से हुई बातचीत के बारे में सदन में चर्चा करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने सेना प्रमुख से क्या कहा और राजनाथ सिंह जी ने क्या आदेश दिए, यह देश के लिए जानना जरूरी है। लेकिन उन्हें इस विषय पर बोलने से रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार इतनी डरी हुई क्यों है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि जब चीन के सैनिक भारतीय सीमा की तरफ बढ़ रहे थे, तब 56 इंच की छाती वाले नेता का क्या हाल था। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान की ओर इशारा करती है जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत छवि को लेकर 56 इंच की छाती का जिक्र किया था।
पूर्व सेना प्रमुख की किताब का मुद्दा
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब के कुछ अंशों का हवाला देते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस किताब में ऐसी बातें लिखी हैं जो सरकार की कमजोरियों को उजागर करती हैं। राहुल गांधी का कहना था कि अगर यह बातें सामने आ गईं तो देश को पता चल जाएगा कि चीन के साथ सीमा विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और सरकार ने किस तरह का रवैया अपनाया था।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार इसीलिए घबराई हुई है और उन्हें इस मुद्दे पर बोलने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि यह देश की सुरक्षा का सवाल है और जनता को सच जानने का अधिकार है।
सदन में हुआ जोरदार हंगामा
सोमवार को जब राहुल गांधी ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाने की कोशिश की तो सदन में जोरदार हंगामा हो गया। सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा के सांसदों ने राहुल गांधी के आरोपों का कड़ा विरोध किया और उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। सदन में शोरगुल इतना बढ़ गया कि सभापति को कार्यवाही रोकनी पड़ी।
रक्षा मंत्री का जवाबी हमला
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की बातें काल्पनिक हैं और वह सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में हमेशा मजबूत फैसले लिए हैं और देश की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया है।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस को देश की सुरक्षा के मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह बिना किसी सबूत के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
सदन की कार्यवाही स्थगित
सदन में लगातार हंगामा होने की वजह से कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। आखिरकार दोपहर चार बजकर 10 मिनट पर सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण काम नहीं हो सका और पूरा दिन हंगामे में बीत गया।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अधिकार है और उन्हें रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार सच्चाई से डरती है इसलिए राहुल गांधी को चुप कराने की कोशिश कर रही है।
पार्टी ने मांग की है कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब में लिखी बातों की जांच की जाए और देश के सामने सच्चाई आनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद पर सरकार का रुख हमेशा से कमजोर रहा है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह देश की सुरक्षा के मामले में राजनीति कर रहे हैं। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने चीन के साथ सीमा विवाद को मजबूती से निपटाया है और देश की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया है।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह बिना किसी सबूत के गंभीर आरोप लगा रहे हैं और इससे देश की छवि खराब हो रही है। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस को सेना और सुरक्षा बलों का सम्मान करना चाहिए।
संसदीय लोकतंत्र पर सवाल
Rahul Gandhi Loksabha Speech: इस पूरे प्रकरण ने संसदीय लोकतंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा जबकि सत्तापक्ष कहता है कि विपक्ष झूठ बोल रहा है। ऐसे में सदन में स्वस्थ बहस की जगह हंगामा देखने को मिल रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद में इस तरह के हंगामे से देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती और जनता को नुकसान होता है। उनका कहना है कि सभी दलों को मिलकर संसद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
यह मुद्दा अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है।