Rashtra Bharat Logo

Nagpur Politics News: अभिजीत वंजारी (Abhijit Wanjarri) के कार्यालय पर स्याही फेंकने से गरमाया कांग्रेस-भाजपा विवाद

Abhijit Wanjarri
Updated:
·by
Aryan Ambastha
Aryan Ambastha
Share:

विषयसूची

Nagpur Politics News: नागपुर में राजनीतिक टकराव, अभिजीत वंजारी (Abhijit Wanjarri) के कार्यालय पर स्याही फेंकने से गरमााया माहौल

नागपुर – शहर का सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मामला महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी के सेंट्रल एवेन्यू स्थित जनसंपर्क कार्यालय का है, जहां उनकी नेम प्लेट पर स्याही फेंकने की घटना ने कांग्रेस और भाजपा के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।

Nagpur Politics News: घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस आयुक्त से मिलकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

कांग्रेस का आरोप – हमला नियोजित

Abhijit Wanjarri ने आरोप लगाया कि यह हमला नियोजित साजिश के तहत कराया गया है। उन्होंने पुलिस से दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर कांग्रेस आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।

Nagpur Politics News: कांग्रेस नेताओं ने पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार प्सिंघल को सीसीटीवी फुटेज सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की। इस विरोध प्रदर्शन में शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे, प्रवक्ता अतुल लौंडे, महासचिव अतुल कोटेचा, उमाकांत गंगोत्री और पूर्व मंत्री अनीस अहमद सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

भाजपा की प्रतिक्रिया और तनावपूर्ण माहौल | Nagpur Politics News

घटना स्थल के नजदीक भाजपा विधायक कृष्णा खोपड़ी का आवास होने के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर नारेबाजी की। हालात बिगड़ने से पहले ही प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गणेश उत्सव के दौरान सत्ता पक्ष जानबूझकर तनाव फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी शांति बनाए रखने की है, लेकिन भाजपा नेता उल्टा माहौल बिगाड़ रहे हैं।

Nagpur Politics News: संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना नागपुर की राजनीति में बढ़ती कड़वाहट और अविश्वास का प्रतीक है। एक ओर जहां विपक्ष हमले को नियोजित बताकर सत्ता पर उंगली उठा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। सवाल यह है कि क्या त्यौहारों के समय ऐसी घटनाएं राजनीतिक फायदे के लिए भड़काई जा रही हैं, या यह वास्तव में असामाजिक तत्वों की हरकत है? इसका उत्तर पुलिस जांच ही दे पाएगी।