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दीक्षाभूमि में धम्मदीक्षा कार्यक्रम 2025: 30 सितंबर से तीन दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन

दीक्षाभूमि में धम्मदीक्षा कार्यक्रम 2025: 30 सितंबर से तीन दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन
Dhamm Diksha Program
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Asfi Shadab
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Dhamm Diksha Program 2025 at Deekshabhoomi | Three-Day Buddhist Event

Dhamm Diksha Program 2025 का आयोजन इस वर्ष भी दीक्षाभूमि पर किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक चलेगा। भदंत सुरई ससाई उपासकों को धम्मदीक्षा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे बुद्ध वंदना से होगी, जो उपासकों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत साबित होगी।

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष एवं धम्मसेना नायक भदंत आर्य सुरई ससाई ने बताया कि इस वर्ष दीक्षा लेने वाले उपासकों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। दीक्षाभूमि पर प्रत्येक वर्ष भिक्षु संघ, उपासक, उपासिका, अनुयायी और श्रामणेर धम्मदीक्षा ग्रहण करते हैं। यह स्थल न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि उपासकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी है।

भदंत सुरई ससाई कई वर्षों से दीक्षाभूमि पर Dhamm Diksha Program का आयोजन कर रहे हैं। समिति और भिक्षु संघ के सहयोग से यह कार्यक्रम निरंतर जारी है। कार्यक्रम के दौरान उपासकों को न केवल शिक्षा दी जाती है, बल्कि उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शन और प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाता है।

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इस वर्ष के आयोजन में भंते नागसेन, भंते नागावंश, भंते प्रज्ञाबोधी, भंते अश्वजित, भंते धम्मविजय, भंते महानागा सहित अनेक भिक्षु उपस्थित रहेंगे। इनके मार्गदर्शन में उपासक न केवल बुद्ध के उपदेशों का अध्ययन करेंगे, बल्कि उन्हें जीवन में धम्म का पालन करने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा।

दीक्षाभूमि का यह historical Dhamm Diksha Program केवल नागपुर या महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी उपासक यहां आते हैं। यह कार्यक्रम उपासकों के लिए एक प्रेरणास्थल है, जहां से उन्हें नई ऊर्जा, मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव मिलता है।

भदंत सुरई ससाई ने बताया कि इस वर्ष के कार्यक्रम में डिजिटल और प्रिंट माध्यम से भी उपासकों को कार्यक्रम की जानकारी साझा की जाएगी। इससे देश और विदेश के लोग इस कार्यक्रम से जुड़ पाएंगे। उपासकों को प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया भी इस वर्ष और व्यवस्थित की गई है ताकि सभी प्रतिभागियों को सम्मानपूर्वक उनके प्रयास का मान मिले।

दीक्षाभूमि पर आयोजित यह Dhamm Diksha Program सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह कार्यक्रम लोगों को जीवन में नैतिक मूल्यों और धार्मिक शिक्षा की ओर प्रेरित करता है। हर वर्ष हजारों लोग दीक्षाभूमि आकर अपने जीवन में परिवर्तन की शुरुआत करते हैं।

इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा उपासकों में सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना बढ़ती है। दीक्षाभूमि न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म भी है जहां विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग मिलकर सीखते और एकजुट होते हैं।

वेब स्टोरी:

इस प्रकार, Dhamm Diksha Program 2025 at Deekshabhoomi एक ऐसा आयोजन है जो उपासकों को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करता है और उन्हें जीवन में सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरित करता है।

Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।