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बाइक से टक्कर के बाद लगी भीषण आग, वोल्वो बस में जिंदा जल गए 20 यात्री — कुरनूल में दर्दनाक हादसा

बाइक से टक्कर के बाद लगी भीषण आग, वोल्वो बस में जिंदा जल गए 20 यात्री — कुरनूल में दर्दनाक हादसा
Volvo Bus Fire Accident — आंध्र प्रदेश के कुरनूल में वोल्वो बस में लगी भीषण आग, 20 यात्रियों की मौत (Image Source: X/@xpressandhra)
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Asfi Shadab
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भीषण सड़क हादसा: बाइक से टकराने के बाद बस में लगी आग, 20 की मौत

आंध्र प्रदेश के कुरनूल ज़िले में शुक्रवार सुबह एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक निजी वोल्वो स्लीपर बस बाइक से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गई, जिसमें कम से कम 20 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के वक्त बस में कुल 41 यात्री सवार थे।

घटना चिन्ना टेकुरु गांव के पास हुई, जब तेज रफ्तार बस सामने से आ रही बाइक से जा भिड़ी। टक्कर के तुरंत बाद बस के नीचे बाइक फंस गई और उसमें आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।


आग लगने के बाद जाम हो गया दरवाज़ा, यात्री अंदर फंसे रहे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस के अंदर तेज धमाका हुआ और आग फैलते देर नहीं लगी। शॉर्ट सर्किट के कारण दरवाजे जाम हो गए, जिससे यात्री बाहर नहीं निकल सके। कई लोगों ने खिड़कियों को तोड़कर किसी तरह बाहर कूदकर अपनी जान बचाई।

लेकिन अफसोस, करीब 20 यात्री आग की लपटों में फंस गए और बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल पाया। उनकी मौत मौके पर ही हो गई।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया, बस पूरी तरह जल चुकी थी।


डीआईजी बोले — बस में मौजूद था ज्वलनशील पदार्थ

हादसे की जांच कर रहे डीआईजी कोया प्रवीण ने बताया कि यह एक निजी वोल्वो बस थी जो कावेरी ट्रैवल्स के नाम से संचालित होती है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बस के अंदर ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे, जिससे आग तेजी से फैली।

उन्होंने यह भी बताया कि बस का ईंधन टैंक सुरक्षित था, यानी आग सीधे टक्कर या पेट्रोल रिसाव से नहीं लगी बल्कि शॉर्ट सर्किट और ज्वलनशील वस्तुओं की वजह से लपटें बढ़ीं।

डीआईजी प्रवीण ने यह भी माना कि बस में सुरक्षा उपायों की भारी कमी थी। आपातकालीन दरवाज़े और अलार्म सिस्टम काम नहीं कर रहे थे, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने में कठिनाई हुई।


पहचान के लिए डीएनए जांच की जरूरत

कुरनूल की जिला अधिकारी डॉ. सिरी ने बताया कि अब तक 21 लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी शव बुरी तरह जल चुके हैं। कुछ शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।


घटनास्थल पर शोक का माहौल, पीएम और सीएम ने जताया दुःख

इस हादसे की खबर फैलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।


सुरक्षा नियमों पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर निजी बस ऑपरेटरों की सुरक्षा नीतियों और मानकों पर सवाल खड़े करता है। यात्रियों का कहना है कि बसों में सुरक्षा उपकरण जैसे फायर एक्सटिंग्विशर या इमरजेंसी गेट सही स्थिति में नहीं रहते, जिससे हर बार ऐसे हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है।

ट्रांसपोर्ट विभाग ने बताया कि संबंधित बस कंपनी का लाइसेंस और सुरक्षा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।


आग ने निगल ली यात्रियों की उम्मीदें

कई यात्रियों का परिवार अब भी लापता लोगों की तलाश में अस्पतालों और पुलिस चौकियों के चक्कर लगा रहा है। हादसे में बचे लोगों ने बताया कि बस के अंदर चीख-पुकार मच गई थी, लेकिन आग इतनी तेज थी कि किसी को मदद करने का मौका नहीं मिला।


प्रशासन ने जांच टीम गठित की

सरकार ने इस भीषण हादसे की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित की है, जो बस में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों और सुरक्षा चूकों की जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।