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विधानसभा उम्मीदवार मोहन आनंद गिरफ्तार: फारबिसगंज में नशे में हंगामा, FIR दर्ज और जेल भेजा गया

Assembly Candidate Mohan Anand Arrested
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Aakash Srivastava
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Assembly Candidate Mohan Anand Arrested in Farbisganj | Drunk Brawl & FIR

अररिया जिले के Farbisganj Assembly क्षेत्र से जनसुराज पार्टी (Jan Suraj Party) के संभावित प्रत्याशी Mohan Anand विवादों में आ गए हैं। सोमवार देर रात शराब के नशे में महिला संग मारपीट और हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला सामने आने के बाद Assembly Candidate Mohan Anand Arrested खबर तेजी से सुर्खियों में है।

जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) बिहार में बदलाव और स्वच्छ राजनीति की बात कर रहे हैं। लेकिन पार्टी के ही संभावित उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने उनकी पार्टी की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

घटना की पूरी कहानी

यह मामला मटियारी, Farbisganj Assembly का है। मकान मालकिन रूबी देवी ने पुलिस में लिखित आवेदन देकर बताया कि सोमवार की रात को मोहन आनंद शराब के नशे में उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गैस सिलेंडर खुला छोड़ दिया। जब रूबी देवी ने इसका विरोध किया, तो मोहन आनंद ने धमकी दी—“तुम सबको आग लगाकर मार दूंगा।”

इतना ही नहीं, शोर सुनकर जब महिला का पति और बेटा मौके पर पहुंचे, तो उन पर भी हमला किया गया। इसके बाद पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

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पुलिस की त्वरित कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही फारबिसगंज पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस ने पाया कि आरोपी नशे में था और हंगामा कर रहा था। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए थाना कांड संख्या 494/2025 में FIR की। मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई। अगले दिन यानी मंगलवार को पुलिस ने मोहन आनंद को जेल भेज दिया।

राजनीति पर असर

Assembly Candidate Mohan Anand Arrested होने की खबर ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। प्रशांत किशोर लगातार बिहार में बेहतर राजनीति और बदलाव की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी के ही संभावित प्रत्याशी का आचरण सवालों में है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब उम्मीदवार बनने से पहले ही वह इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, तो भविष्य में जनता का प्रतिनिधित्व कैसे करेंगे?

परिवार का पक्ष

दूसरी ओर, मोहन आनंद के परिवार ने इन आरोपों को साजिश बताया है। उनके पिता ने कहा—“हमारे बेटे की छवि खराब करने के लिए यह सब रचा गया है।”
छोटे भाई का भी आरोप है कि पुलिस ने उनके भाई को जबरन पीटा और सामान लूट लिया। उन्होंने कहा कि “हमारे भाई के शरीर पर चोट के निशान मौजूद हैं।”

वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में मोहन आनंद को नशे की हालत में देखा जा सकता है। इसे लेकर लोग जनसुराज पार्टी और प्रशांत किशोर की कथनी-करनी पर सवाल उठा रहे हैं।

वेब स्टोरी:

बड़ा सवाल

बिहार की राजनीति में यह घटना एक बार फिर आचरण और नैतिकता पर बहस छेड़ रही है। क्या बदलाव का दावा करने वाली पार्टियां खुद अपने संभावित प्रत्याशियों पर नियंत्रण नहीं रख पा रही हैं? और क्या जनता ऐसे नेताओं पर भरोसा करेगी?