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पप्पू यादव का धीरेंद्र शास्त्री पर हमला: चोर-उचक्का कहकर किया विवादित बयान

पप्पू यादव का धीरेंद्र शास्त्री पर हमला: चोर-उचक्का कहकर किया विवादित बयान
Pappu Yadav Dhirendra Shastri Controversy: पप्पू यादव ने बागेश्वर धाम सरकार को बताया चोर-उचक्का (File Photo)

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चोर-उचक्का कहकर विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री का सनातन से कोई लेना देना नहीं है और वो ढोंग कर रहे हैं। यह बयान धीरेंद्र शास्त्री के बांदा में आरएसएस के कार्यक्रम में जातिवाद पर दिए गए बयान के बाद आया है।

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Asfi Shadab
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Pappu Yadav Dhirendra Shastri Controversy: बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार विवाद का केंद्र बने हैं पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री को लेकर बेहद कड़े शब्दों में हमला बोला है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को चोर-उचक्का तक कह डाला। यह बयान तब आया जब पत्रकारों ने पप्पू यादव से धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर सवाल पूछा था।

पप्पू यादव ने क्या कहा

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव से जब पत्रकारों ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर सवाल किया तो उन्होंने सबसे पहले कहा कि ये कौन है धीरेंद्र। जब पत्रकारों ने बताया कि वो एक कथावाचक हैं तो पप्पू यादव ने तुरंत जवाब दिया कि चोर-उचक्का को कथावाचक बना रहे हो। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ये ओशो हैं या फिर आचार्य राममूर्ति हैं। पप्पू यादव ने आगे कहा कि हमारे एक बाबा हैं जो बहुत प्यारे हैं और हमेशा हंसते रहते हैं, वो हैं प्रेमानंद बाबा। उन्होंने कहा कि ऐसे बाबाओं की इज्जत करनी चाहिए।

सनातन से कोई लेना देना नहीं

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री का सनातन से कोई लेना देना नहीं है और उन्हें सनातन का कुछ भी पता नहीं है। उन्होंने कहा कि ये चोर-उचक्का सनातन के नाम पर ढोंग कर रहे हैं। पप्पू यादव ने एक और उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में एक बाबा ने 300 करोड़ रुपये की शादी की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही सनातन है।

भारत को ढोंगीवादी क्यों बना रहे

पप्पू यादव ने कहा कि भारत को कृष्णवादी बनने दो, गुरुनानक के पथ पर चलने दो, बुद्ध के पथ पर चलने दो और आंबेडकरवादी बनने दो। उन्होंने सवाल उठाया कि आप लोग भारत को ढोंगीवादी क्यों बना रहे हैं। पप्पू यादव का यह बयान साफ तौर पर धीरेंद्र शास्त्री जैसे धर्म गुरुओं पर निशाना साधने वाला था।

धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान

हाल ही में उत्तर प्रदेश के बांदा में आरएसएस के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया उस दिन न तो शर्मा बचेंगे, न वर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे, न रविदास वाले बचेंगे और न तुलसीदास वाले बचेंगे। यानी कि कोई भी हिंदू नहीं बचेगा। बागेश्वर धाम सरकार ने यहां साफ कहा था कि देश को आज जातिवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद की जरूरत है।

जातिवाद पर निशाना

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान में आगे यह भी कहा था कि अगर हिंदू जातियों में बंटा रहा तो उसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ेगा। उनका यह बयान हिंदू समाज में एकता की बात करता है लेकिन इसे लेकर कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। पप्पू यादव का बयान भी इसी क्रम में आया है।

बागेश्वर धाम के बारे में

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रहते हैं। वो नियमित रूप से कथाएं करते हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते हैं। उनकी कथाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। लेकिन उनके कुछ बयानों को लेकर समय-समय पर विवाद भी होते रहे हैं।

राजनीतिक बयानों का इतिहास

धीरेंद्र शास्त्री समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। उनके कुछ बयान विवादों में भी घिरे हैं। लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि वो केवल हिंदू समाज की भलाई के लिए काम कर रहे हैं और समाज में एकता लाने की कोशिश कर रहे हैं।

पप्पू यादव की राजनीति

पप्पू यादव बिहार के पूर्णिया से सांसद हैं। वो अपने खुले और साफ बयानों के लिए जाने जाते हैं। पप्पू यादव पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। वो किसी भी मुद्दे पर बेबाक होकर अपनी राय रखते हैं। उनका राजनीतिक सफर भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वो कभी राजद से जुड़े रहे तो कभी अपनी खुद की पार्टी भी बनाई।

धर्म और राजनीति का घालमेल

पप्पू यादव का यह बयान धर्म और राजनीति के घालमेल को भी दिखाता है। एक तरफ जहां धीरेंद्र शास्त्री धार्मिक मंच से राजनीतिक बयान दे रहे हैं वहीं पप्पू यादव जैसे राजनेता उन पर सवाल उठा रहे हैं। यह विवाद आने वाले समय में और भी बढ़ सकता है।

समाज पर असर

इस तरह के बयानों का समाज पर क्या असर पड़ता है यह देखने वाली बात है। एक तरफ जहां धीरेंद्र शास्त्री हिंदू समाज में एकता की बात कर रहे हैं वहीं पप्पू यादव उन्हें ढोंगी बता रहे हैं। ऐसे में आम लोग क्या सोचेंगे और किसका साथ देंगे यह देखना दिलचस्प होगा।

धार्मिक नेताओं की भूमिका

Pappu Yadav Dhirendra Shastri Controversy: आज के समय में धार्मिक नेताओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। लोग उनकी बातों को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे में अगर वो राजनीतिक बयान देते हैं तो समाज में बंटवारा भी हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि धार्मिक नेता अपनी जिम्मेदारी समझें।

आगे क्या होगा

अब देखना यह है कि इस विवाद का आगे क्या रूप होगा। क्या धीरेंद्र शास्त्री पप्पू यादव के बयान का जवाब देंगे या फिर चुप रहेंगे। और क्या अन्य राजनीतिक दल भी इस मामले में कूदेंगे। फिलहाल तो यह विवाद सुर्खियों में है और आने वाले दिनों में इस पर और भी चर्चा होगी।

यह पूरा मामला यह भी दिखाता है कि आज के समय में धर्म और राजनीति कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं। धार्मिक मंचों से राजनीतिक बयान दिए जा रहे हैं और राजनीतिक नेता धार्मिक नेताओं पर सवाल उठा रहे हैं। यह विवाद भारतीय राजनीति और समाज के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।