Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पटना में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। यह निर्णय लालू प्रसाद यादव के अस्वस्थ होने और संगठन के रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए लिया गया।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता जैसे राबड़ी देवी, मीसा भारती, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और कई अन्य नेता मौजूद थे। प्रस्ताव रखने का काम भोला यादव ने किया और सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने हाथ उठाकर तेजस्वी यादव का समर्थन किया।
राजद के सूत्रों का कहना है कि अब तेजस्वी यादव को अध्यक्ष की सभी शक्तियाँ दी गई हैं और पार्टी के अगले चरण की जिम्मेदारी उनके हाथ में है।
पिछले वर्ष की हार के बाद नेतृत्व का फैसला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को मिली करारी हार के बाद पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का निर्णय लिया। इस बैठक का उद्देश्य नेतृत्व और रणनीति पर चर्चा करना था।
राजद की स्थापना 1997 में लालू प्रसाद यादव ने की थी और तब से वे पार्टी के शीर्ष पद पर बने हुए थे। हालांकि उनका अनुभव और सर्वोच्चता निर्विवाद है, लेकिन 80 वर्ष से अधिक उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते संगठन की दूसरी पंक्ति की जरूरत महसूस की गई।
पार्टी के नेता मानते हैं कि तेजस्वी यादव ही राजद के भविष्य हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी नई दिशा में कदम बढ़ाएगी।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव का संदेश
तेजस्वी यादव ने अपने नए पद के बाद कहा कि वह सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी को मजबूती देंगे। उन्होंने संगठन के विस्तार और बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर राजद की स्थिति मजबूत करने का भरोसा दिया।
उन्होंने पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से भी अपना संदेश साझा किया और कहा कि यह एक नई शुरुआत और नई जिम्मेदारी का समय है।
JDU का तंज और विपक्ष की प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव के अध्यक्ष बनने के बाद जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजद एक परिवार की पार्टी है और परिवार के सदस्य को ही कमान मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव पर 22 मुकदमे चल रहे हैं, ऐसे में उनको अध्यक्ष बनाना विवादास्पद निर्णय है।
राजद के भीतर भी इस फैसले पर कुछ नेताओं ने इसे आवश्यक और सही समय पर लिया गया निर्णय बताया, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक मजबूरी और परिवारवाद की दृष्टि से देख रहा है।
बिहार और राष्ट्रीय स्तर पर राजद की नई रणनीति
राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने बैठक में कहा कि देश की राजनीतिक स्थिति और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में अब पार्टी:
- बिहार में संगठन को मजबूत बनाएगी
- युवा नेताओं को नई जिम्मेदारी देगी
- आगामी चुनावों में रणनीति पर काम करेगी
बैठक में 20 से अधिक प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए। यह संकेत है कि राजद अब नई दिशा और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।