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Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ रेल हादसा,बिलासपुर में मेमू ट्रेन और मालगाड़ी की भिड़ंत, पांच यात्रियों की मौत, 25 घायल

Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ रेल हादसा,बिलासपुर में मेमू ट्रेन और मालगाड़ी की भिड़ंत, पांच यात्रियों की मौत, 25 घायल
Bilaspur Train Accident 2025: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मेमू ट्रेन और मालगाड़ी की भीषण टक्कर, पांच की मौत, 25 घायल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार शाम मेमू लोकल ट्रेन ने खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मार दी। हादसे में पांच यात्रियों की मौत और 25 घायल हुए। ओवरस्पीड और सिग्नलिंग त्रुटि को संभावित कारण माना जा रहा है। राहत कार्य देर रात तक चला, रेलवे ने जांच शुरू की।

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Asfi Shadab
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बड़ा रेल हादसा

मंगलवार शाम बिलासपुर के लालखदान के पास बड़ी रेल दुर्घटना हुई। गेवरारोड से आ रही मेमू लोकल ट्रेन ने उसी ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के गार्ड केबिन पर चढ़ गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हुए। मौके पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को बिलासपुर रेलवे अस्पताल, सिम्स और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Bilaspur Train Accident 2025
Bilaspur Train Accident 2025: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मेमू ट्रेन और मालगाड़ी की भीषण टक्कर, पांच की मौत, 25 घायल

हादसे का कारण क्या था?

रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ओवरस्पीड को प्रमुख कारण माना जा रहा है। आटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लागू होने के बावजूद ट्रेन तय सीमा से अधिक गति पर चलाई जा रही थी।
इस सिस्टम में दिन के समय 15 किमी प्रति घंटा और रात में 10 किमी प्रति घंटा की गति सीमा तय है। तेज रफ्तार के कारण चालक ट्रेन को समय पर नहीं रोक सका और सामने खड़ी मालगाड़ी से टकरा गया।

Bilaspur Train Accident 2025
Bilaspur Train Accident 2025: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मेमू ट्रेन और मालगाड़ी की भीषण टक्कर, पांच की मौत, 25 घायल

रेलवे अधिकारियों की कार्रवाई और राहत प्रयास

हादसे की सूचना मिलते ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जीएम, डीआरएम, कमिश्नर, एसपी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
रिलीफ ट्रेन भी तुरंत रवाना की गई। तीन घंटे के भीतर डाउन लाइन को खोल दिया गया, जिससे ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से शुरू हो सका। गोंडवाना एक्सप्रेस सबसे पहले रवाना की गई।

अंधेरा और बिजली की कमी बनी बाधा

घटना शाम चार बजे हुई थी, लेकिन अंधेरा होने के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई।
प्रकाश व्यवस्था न होने से बचाव टीमों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली व्यवस्था बहाल होने के बाद कार्य दोबारा शुरू हुआ।
राहत कार्य देर रात तक जारी रहा।

रेलवे ने दी मुआवजा राशि की घोषणा

रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख रुपये और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
साथ ही यात्रियों और उनके परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए।

हेल्पलाइन नंबर:

  • बिलासपुर: 7777857335, 7869953330

  • चांपा: 8085956528

  • रायगढ़: 9752485600

  • पेंड्रा रोड: 8294730162

  • कोरबा: 7869953330

जांच और सुरक्षा सवाल

इस हादसे ने रेलवे सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओवरस्पीड और सिग्नल सिस्टम की विफलता को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
विशेष टीम यह पता लगाएगी कि चालक की गलती थी या तकनीकी खराबी ने यह हादसा कराया।

यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

पिछले वर्ष भी मध्य प्रदेश और ओडिशा में इसी तरह के ट्रेन हादसे हुए थे।
बार-बार हो रहे हादसे यह संकेत देते हैं कि ट्रैक मॉनिटरिंग और सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे को ट्रेन संचालन में स्वचालित ब्रेकिंग सिस्टम को अनिवार्य बनाना चाहिए।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।