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छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक: वित्तीय योजनाएं, दिव्यांग कल्याण और शिक्षा में बड़े निर्णय

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक: वित्तीय योजनाएं, दिव्यांग कल्याण और शिक्षा में बड़े निर्णय
Chhattisgarh Cabinet Approves Financial Aid, Disability Loan Waiver & Special Educator Recruitment
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Aryan Ambastha
Aryan Ambastha
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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य प्रशासन और समाज कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में वित्तीय सुधार, दिव्यांगजन कल्याण और शिक्षा क्षेत्र में विशेष पहल पर विशेष ध्यान दिया गया।

मंत्रिपरिषद ने शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिया। अब सरकारी कर्मचारी अपने वेतन के विरूद्ध वित्तीय संस्थाओं से अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इस संबंध में प्रस्ताव बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त किए जाएंगे और आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग अधिकृत होगा। साथ ही, पात्र बैंकों/वित्तीय संस्थाओं के साथ संपादित होने वाले समझौता पत्र (एमओयू) का प्रारूप भी वित्त विभाग द्वारा अनुमोदित किया गया।

दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की राज्य में बकाया ऋण राशि 24,50,05,457/- रुपये को एकमुश्त माफ किया गया। यह राशि राज्य के दिव्यांगजन समुदाय को स्वरोजगार और शिक्षा हेतु प्रदान किए गए ऋण से संबंधित थी। NDFDC राज्य के दिव्यांग नागरिकों को न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज दर पर वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

शिक्षा क्षेत्र में भी मंत्रिपरिषद ने विशेष पहल की। राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अनुमति दी गई। इसके तहत भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 में एक बार के लिए छूट प्रदान की गई। अब स्पेशल एजुकेटर के पदों पर चयन परीक्षा की बजाय केवल मेरिट के आधार पर सीधी भर्ती की जाएगी। यह निर्णय विशेष रूप से दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए किया गया है।

बैठक में प्रशासनिक बदलावों को भी महत्व दिया गया। मुख्य सचिव के पद से 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी श्री अमिताभ जैन को भावभीनी विदाई दी गई। उनके कार्यकाल में राज्य प्रशासन ने अनेक विकासात्मक पहलें सफलतापूर्वक लागू की। इसके साथ ही, नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री विकास शील (1994 बैच, IAS) का स्वागत किया गया, जिनसे राज्य प्रशासन की नई ऊर्जा और विकास की गति बढ़ने की उम्मीद जताई गई।

इस बैठक में लिए गए निर्णय न केवल सरकारी कर्मचारियों और दिव्यांगजन के लिए लाभकारी हैं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में भी गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन पहलों का प्रभावी क्रियान्वयन समय पर और पारदर्शी ढंग से हो।

कैबिनेट की यह बैठक राज्य प्रशासन, सामाजिक कल्याण और शिक्षा सुधार के क्षेत्र में एक नई दिशा की ओर संकेत करती है। वित्तीय सुधार, दिव्यांगजन सहायता और शिक्षकों की भर्ती के ये निर्णय छत्तीसगढ़ की समाजिक स्थिरता और विकास की गति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।


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