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प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में सुनाई इंदिरा गांधी की कहानी, कांग्रेस की कार्यशैली पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में सुनाई इंदिरा गांधी की कहानी, कांग्रेस की कार्यशैली पर साधा निशाना
PM Modi Indira Gandhi Story: राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने सुनाया हिमाचल दौरे का किस्सा (Image Source: Sansad TV)

PM Modi Indira Gandhi Story: राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इंदिरा गांधी के हिमाचल दौरे का किस्सा सुनाया। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली और योजना आयोग की खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की शक्ति कांग्रेस की गलतियों को सुधारने में लग रही है।

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Asfi Shadab
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राज्यसभा में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जोरदार भाषण से सदन का ध्यान अपनी ओर खींचा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली और नीतियों की कमियों को उजागर करते हुए एक दिलचस्प किस्सा सुनाया जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा था। इस किस्से के जरिए पीएम मोदी ने यह बताने की कोशिश की कि कांग्रेस के शासनकाल में किस तरह की समस्याएं थीं और कैसे वर्तमान सरकार उन गलतियों को सुधारने में लगी है।

कांग्रेस की गलतियों को सुधारने में लग रही शक्ति

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार की काफी ऊर्जा और शक्ति कांग्रेस की पुरानी गलतियों को सुधारने में खर्च हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में देश की जो छवि बनी थी, उसे बदलने और नई दिशा देने में सरकार को काफी मेहनत करनी पड़ रही है। पीएम ने कहा कि दुनिया के सामने भारत की जो तस्वीर कांग्रेस के समय में बनी थी, उसे धोने और एक नई पहचान बनाने में वर्तमान सरकार लगी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ने देश को जिस हालत में छोड़ा था, उससे उबरना आसान काम नहीं था।

फ्यूचर-रेडी पॉलिसी पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी वजह से उनकी सरकार ने फ्यूचर-रेडी पॉलिसी यानी भविष्य के लिए तैयार नीतियों पर खास ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि आज देश नीति के आधार पर चल रहा है, न कि केवल घोषणाओं के बल पर। इसी कारण आज विश्व में भारत पर विश्वास बढ़ रहा है और देश की साख मजबूत हो रही है। पीएम मोदी ने गर्व से कहा कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है और तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इंदिरा गांधी का हिमाचल दौरे का किस्सा

कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाया जो इंदिरा गांधी से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के एक बड़े नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री हिमाचल प्रदेश के दौरे पर गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने खुद यह घटना सुनाई थी। पीएम मोदी ने कहा कि उस कांग्रेसी नेता ने बताया था कि उन्हें योजना आयोग से काफी लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा क्योंकि वे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने को तैयार ही नहीं थे।

जीप नहीं, खच्चर की जरूरत

प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि उस कांग्रेसी नेता ने कहा था कि पहाड़ी इलाकों में काम करने वाले मजदूरों को जीप की नहीं बल्कि खच्चर की जरूरत है क्योंकि वहां सड़कें नहीं थीं। लेकिन योजना आयोग ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि वे पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, खच्चर के लिए नहीं। यह दिखाता है कि कैसे जमीनी हकीकत से दूर रहकर फैसले लिए जाते थे। पीएम मोदी ने कहा कि यह घटना इस बात का सबूत है कि कांग्रेस के शासनकाल में नीतियां जमीनी स्तर पर लोगों की जरूरतों को समझे बिना बनाई जाती थीं।

इंदिरा गांधी को पता था, फिर भी कोई कदम नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भाषण इंदिरा गांधी का था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इंदिरा जी को पता था कि यह गलत हो रहा है, यह एक तरह का पाप है, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पीएम ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी जिस योजना आयोग की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता खुद उनके पिता जवाहरलाल नेहरू थे। यह कांग्रेस की कार्यशैली को दर्शाता है कि वे खुद ही अपनी संस्थाओं की कमियों को जानते थे लेकिन सुधार की इच्छा नहीं रखते थे।

योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग की स्थापना

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 तक सब लोग इस व्यवस्था से परेशान थे लेकिन कोई भी इसे सुधारने के लिए तैयार नहीं था। जब 2014 में उनकी सरकार सत्ता में आई तो सबसे पहले उन्होंने पुराने योजना आयोग को खत्म कर दिया और उसकी जगह नीति आयोग की स्थापना की। पीएम मोदी ने कहा कि नीति आयोग आज तेज गति से काम कर रहा है और राज्यों के साथ मिलकर विकास की नई योजनाएं बना रहा है। यह संस्था जमीनी स्तर पर लोगों की जरूरतों को समझती है और उसी के अनुसार नीतियां बनाती है।

विपक्ष का वॉकआउट

राज्यसभा में जब प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना शुरू किया तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी ही देर बाद कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। यह घटना दिखाती है कि विपक्ष प्रधानमंत्री के तीखे सवालों का सामना करने से बचना चाहता था। पीएम के भाषण में कांग्रेस की पुरानी नीतियों और कार्यशैली पर जो सवाल उठाए गए, उनका जवाब देने की बजाय विपक्ष ने सदन छोड़ने का फैसला किया।

रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है। देश में लगातार सुधार हो रहे हैं और विकास की रफ्तार तेज है। उन्होंने कहा कि विश्व में आज भारत की जो साख बनी है, वह इन्हीं सुधारों और नीतियों का परिणाम है। पीएम ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की नीतियां भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां एक मजबूत और समृद्ध भारत में रह सकें।

जमीनी हकीकत से जुड़ी नीतियां

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार की खासियत यह है कि वह जमीनी हकीकत को समझती है और उसी के अनुसार नीतियां बनाती है। पहाड़ी इलाकों, दूरदराज के क्षेत्रों और हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। यह पुरानी व्यवस्था से बिल्कुल अलग है जहां दिल्ली में बैठकर फैसले लिए जाते थे और जमीनी स्तर पर उनका कोई असर नहीं होता था।

प्रधानमंत्री मोदी का यह भाषण न केवल कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली पर एक करारा प्रहार था बल्कि यह वर्तमान सरकार की उपलब्धियों और दिशा को भी स्पष्ट करता है। इंदिरा गांधी के किस्से के जरिए उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि कैसे पुराने समय में नीतियां बनती थीं और आज किस तरह जमीनी स्तर पर काम हो रहा है। राज्यसभा में दिया गया यह भाषण लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।