Hingoli ACB Action: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उप अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय के दो भूमि सर्वेक्षकों को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जिनमें उमेश मधुकर राउत और अविनाश नंदकिशोर गोरे शामिल हैं. यह कार्रवाई कल यानि 22 मई को की गई। आरोपियों ने खेत की माप गिनती की शीट देने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की बासंबा क्षेत्र में कृषि भूमि है। खेत के आकार का मापन कराने के लिए शिकायतकर्ता ने विधिवत आवेदन कर निर्धारित शुल्क भी जमा किया था। इसके बाद उप अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय हिंगोली की ओर से खेत का मापन किया गया। मापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि सर्वेक्षक उमेश मधुकर राउत और अविनाश नंदकिशोर गोरे ने शिकायतकर्ता से मापक शीट उपलब्ध कराने के बदले रिश्वत की मांग की।
इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने 22 मई को एसीबी हिंगोली कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी सर्वेक्षक मापन पत्र की प्रति देने के लिए 15 हजार रुपये मांग रहे हैं। एसीबी ने शिकायत की प्राथमिक जांच की, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई गई।
प्लानिंग के साथ हुई गिरफ्तारी
कल शुक्रवार दोपहर शिकायतकर्ता को गवाह क्रमांक-1 के साथ आरोपियों से मिलने भेजा गया। भूमि अभिलेख कार्यालय में हुई बातचीत के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पहले ही शिकायतकर्ता से 4 हजार रुपये ले चुके हैं और बाकी 11 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। तय योजना के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपियों को रिश्वत की रकम सौंपी, वहां मौजूद एसीबी टीम ने दोनों को रकम सहित रंगे हाथ पकड़ लिया।
कई अहम दस्तावेज बरामद
कार्रवाई के दौरान उमेश राउत के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, सरकारी पहचान पत्र, मोबाइल और नकदी बरामद हुई, जबकि अविनाश गोरे के पास से एटीएम कार्ड, लाइसेंस, मोबाइल, सरकारी पहचान पत्र और नकदी जब्त की गई। दोनों आरोपियों के मोबाइल जांच के लिए जब्त कर लिए गए हैं और उनके घरों की तलाशी की प्रक्रिया जारी है।