महावितरण के बंटवारे और आईपीओ से बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव
Mahavitaran restructuring IPO Maharashtra: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की बिजली वितरण कंपनी महावितरण के आर्थिक पुनर्गठन का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कंपनी दो हिस्सों में बंटेगी
सरकार के फैसले के तहत महावितरण को दो अलग-अलग कंपनियों में विभाजित किया जाएगा। पहली कंपनी औद्योगिक, वाणिज्यिक, घरेलू और अन्य गैर-कृषि उपभोक्ताओं को बिजली देती रहेगी। दूसरी नई कंपनी – “एमएसईबी सोलर एग्रो पावर लिमिटेड ” – केवल कृषि उपभोक्ताओं को सेवा देगी और सौर ऊर्जा आधारित आपूर्ति को बढ़ावा देगी।
आई.पी.ओ और कर्ज राहत
सरकार ने महावितरण को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के लिए आई.पी.ओ लाने की भी मंजूरी दी है। कंपनी पर फिलहाल लगभग ₹32,679 करोड़ का कर्ज है। इसके समाधान के लिए सरकार 15 वर्ष की अवधि के सरकारी बॉन्ड जारी करेगी। आई.पी.ओ से प्राप्त राशि स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल प्रणाली और आधुनिक वितरण ढांचे में लगाई जाएगी।
किसानों, उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था से क्या मिलेगा फायदा
किसे क्या फायदा
दोनों कंपनियां अलग-अलग लेखा प्रणाली से काम करेंगी। इस पुनर्गठन से –
- किसानों को दिन में नियमित बिजली मिलेगी
- उद्योगों को स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी
- घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और दरों में स्थिरता मिलेगी
सरकार के अनुसार इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना, सेवा गुणवत्ता सुधारना और वितरण प्रणाली को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाना है।
आई.पी.ओ की प्रक्रिया और एमएसईबी सोलर एग्रो पावर लिमिटेड के गठन की समयसीमा जल्द घोषित किए जाने की संभावना है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र