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विवादों में मीरा-भायंदर का नया फ्लाईओवर: चार लेन से दो लेन होने पर उठा सवाल, MMRDA ने दी सफाई

मीरा-भायंदर का नया फ्लाईओवर विवादों में
मीरा-भायंदर का नया फ्लाईओवर विवादों में (Pic Credit- X @govindprataps12)
मीरा-भायंदर में बने नए फ्लाईओवर के चार लेन से दो लेन में बदलने पर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर उठे सवालों के जवाब में MMRDA ने इसे योजनाबद्ध डिजाइन बताया है, हालांकि जनता अब भी सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर आशंकित है।
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Mira Bhayander Flyover: मुंबई महानगर क्षेत्र के तेजी से बढ़ते उपनगर मीरा-भायंदर में हाल ही में बने एक नए फ्लाईओवर ने सोशल मीडिया से लेकर आम जनता तक के बीच बहस छेड़ दी है। मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि यह फ्लाईओवर चार लेन से अचानक दो लेन में बदल जाता है।

लोगों का कहना है कि जिस फ्लाईओवर को ट्रैफिक की समस्या कम करने के लिए बनाया गया है, वही आगे चलकर जाम और दुर्घटनाओं की वजह बन सकता है। यह फ्लाईओवर मेट्रो लाइन-9 परियोजना का हिस्सा है और डबल डेकर स्ट्रक्चर के रूप में तैयार किया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

‘Gems of Mira Bhayander’ नाम के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किए गए एक वीडियो और तस्वीरों ने इस मुद्दे को हवा दी। पोस्ट में सवाल उठाया गया कि अगर फ्लाईओवर चार लेन से दो लेन में सिमट रहा है, तो इससे ट्रैफिक कैसे सुधरेगा।

पोस्ट वायरल होने के बाद आम नागरिकों, ट्रैफिक एक्सपर्ट्स और शहरी योजनाओं में रुचि रखने वाले लोगों ने डिजाइन और मंजूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों ने इसे खराब प्लानिंग और जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया।

MMRDA ने क्या दी सफाई

मामले पर बढ़ते विरोध को देखते हुए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी MMRDA को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। प्राधिकरण ने साफ कहा कि फ्लाईओवर के डिजाइन में कोई खामी नहीं है और यह पूरी तरह से योजनाबद्ध इंजीनियरिंग निर्णय है।

MMRDA के मुताबिक, फ्लाईओवर को मौजूदा सड़क की चौड़ाई, भविष्य की जरूरतों और रेलवे लाइन के कारण उपलब्ध राइट ऑफ वे को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

क्यों चार लेन से दो लेन में बदल रहा है फ्लाईओवर

MMRDA ने बताया कि यह फ्लाईओवर भायंदर ईस्ट और भायंदर वेस्ट को जोड़ने वाले भविष्य के नेटवर्क का हिस्सा है। फिलहाल भायंदर ईस्ट की दिशा में दो लेन का निर्माण किया गया है, जबकि भायंदर वेस्ट की ओर अतिरिक्त दो लेन के लिए भविष्य में विस्तार का प्रावधान रखा गया है।

चूंकि भायंदर ईस्ट की दिशा वाला हिस्सा पहले आता है, इसलिए फिलहाल चार लेन की संरचना दो लेन में बदलती नजर आ रही है। आने वाले चरण में रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरने वाले हिस्से के पूरा होने पर बाकी लेन जोड़ी जाएंगी।

गोल्डन नेस्ट सर्कल तक कैसी है व्यवस्था

MMRDA के अनुसार, गोल्डन नेस्ट सर्कल तक फ्लाईओवर 2+2 लेन का है। यह सर्कल मीरा-भायंदर का एक प्रमुख चौराहा है, जहां पांच बड़ी सड़कों का मिलन होता है। यहां ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए दोनों तरफ स्लिप रोड भी दी गई हैं, ताकि वाहन अलग-अलग दिशाओं में आसानी से बंट सकें।

गोल्डन नेस्ट सर्कल के बाद, भायंदर ईस्ट की ओर सड़क की चौड़ाई विकास योजना के अनुसार कम हो जाती है। इसी वजह से वहां 1+1 लेन का फ्लाईओवर बनाया गया है, जिसमें अलग-अलग चढ़ने और उतरने के रैंप दिए गए हैं।

भविष्य में चौड़ीकरण की योजना

MMRDA ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में फ्लाईओवर को चौड़ा करने का विकल्प खुला रखा गया है। इसके लिए मीरा-भायंदर नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों से जरूरी मंजूरी ली जाएगी।

प्राधिकरण का दावा है कि यह फ्लाईओवर मुख्य रूप से ट्रैफिक के बंटवारे और जाम कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है, न कि उसे बढ़ाने के लिए।

सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम हैं

लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर MMRDA ने कहा कि फ्लाईओवर पर सभी जरूरी सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इनमें साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर और ट्रैफिक पुलिस के सुझावों के अनुसार संकेतक शामिल हैं।

फ्लाईओवर को चालू करने से पहले ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर अंतिम निरीक्षण भी किया जाएगा।

जनता का भरोसा क्यों नहीं बन पा रहा

MMRDA की सफाई के बावजूद सोशल मीडिया पर नाराजगी कम नहीं हुई है। कई यूजर्स ने इस डिजाइन को खतरनाक बताया है। कुछ लोगों ने अंदेशा जताया कि उद्घाटन के कुछ ही समय बाद इसे दुर्घटनाओं के कारण बंद करना पड़ सकता है।

एक यूजर ने लिखा कि यह फ्लाईओवर दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन सकता है, जबकि दूसरे ने पुराने पुलों और फ्लाईओवर के उदाहरण देते हुए इंजीनियरिंग क्वालिटी पर सवाल खड़े किए।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।