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भारत में कफ सिरप उपयोग दिशा-निर्देश : भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य, नागपुर मनपा ने अस्पतालों को जारी किया आदेश

भारत में कफ सिरप उपयोग दिशा-निर्देश : भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य, नागपुर मनपा ने अस्पतालों को जारी किया आदेश
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Asfi Shadab
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Cough Syrup Guidelines India: नागपुर में सख्त निर्देश

भारत सरकार ने छोटे बच्चों में Cough Syrup के अनुचित उपयोग को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश (Cough Syrup Guidelines India) जारी किए हैं। इन निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नागपुर महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आधिकारिक पत्र भेजा है।

दूषित सिरप से हुई घटनाओं के बाद कड़ा कदम

हाल के महीनों में दूषित Cough Syrup के कारण देश के कुछ हिस्सों में बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं ने सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया। इसी के चलते स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर में दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि बच्चों को खांसी की दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।

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मनपा स्वास्थ्य विभाग ने इन निर्देशों को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए सभी अस्पतालों को आदेश भेजे हैं। इसमें कहा गया है कि किसी भी अस्पताल में बिना चिकित्सीय कारण या उचित सलाह के Cough Syrup का उपयोग नहीं किया जाए।

नागपुर के अस्पतालों में भर्ती बच्चे

वर्तमान में नागपुर शहर के विभिन्न अस्पतालों में कुल 12 बच्चे (0 से 16 वर्ष की आयु वर्ग) भर्ती हैं। इनमें 10 मध्यप्रदेश के, 1 महाराष्ट्र का और 1 तेलंगाना का बच्चा शामिल है। इनमें से 6 बच्चे शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय (मेडिकल) में, 2 एम्स में, 1 न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल में, 1 लता मंगेशकर हॉस्पिटल में, 1 कलर्स हॉस्पिटल में तथा 1 गेट वेल हॉस्पिटल में इलाज करा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि Cough Syrup Guidelines India के तहत सभी अस्पतालों को मरीजों की स्थिति और उपचार संबंधी रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत सरकार के मुख्य निर्देश

भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि:

  • दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की सर्दी-खांसी की दवा न दी जाए।

  • पाँच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को दवा केवल डॉक्टर की निगरानी में और उचित मात्रा में दी जाए।

  • बहु-दवा (Multiple Drug Combination) का प्रयोग न करें।

  • अधिकतर मामलों में खांसी स्वयं ठीक हो जाती है; इसलिए पर्याप्त आराम, तरल पदार्थ और घरेलू उपचार पर्याप्त होते हैं।

  • जनता से अनुरोध किया गया है कि किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

मनपा स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

नागपुर मनपा के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. जाधव ने कहा कि गलत या दूषित Cough Syrup बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि फार्मेसी यूनिट बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी प्रकार की सर्दी-खांसी की दवा नहीं बेचे।

उन्होंने बताया कि मनपा की टीम नियमित रूप से अस्पतालों की जांच कर रही है और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।

वेब स्टोरी:

जनता के लिए अपील

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि Cough Syrup या किसी अन्य दवा का उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श लें। छोटे बच्चों में दवा का अधिक या गलत उपयोग उनके जीवन के लिए खतरा बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में बच्चों की खांसी कुछ दिनों में स्वयं ठीक हो जाती है। शहद, गर्म पानी और उचित आराम से राहत मिल सकती है। जब तक डॉक्टर आवश्यकता न बताएं, तब तक दवा देने से बचें।

Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।