Padmashri Shankarbaba Papalkar ने दी प्रेरणा नागपुर में
नागपुर, महाराष्ट्र – आज नागपुर जिला अधिकारी कार्यालय में आयोजित समारोह राज्य के लिए प्रेरणादायक क्षण साबित हुआ। इस मौके पर Padmashri Shankarbaba Papalkar ने कहा कि “यह दिन राज्य के अनाथों और दिव्यांगों के मन में आत्मविश्वास जगाने वाला है।”
समारोह में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के Guardian मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे उपस्थित रहे। उन्होंने दृष्टिहीन युवती माला पापळकर को शुभकामनाएं दीं, जिसने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सरकारी सेवा में स्थान प्राप्त किया। बावनकुळे ने कहा, “माला ने यह साबित किया है कि किसी की कमी उसकी सफलता की राह नहीं रोक सकती। तुम्हारे अंदर जो क्षमता है, वही समाज के लिए प्रेरणा बनेगी।”

माला पापळकर की प्रेरक उपलब्धि
माला पापळकर ने दृष्टिहीनता के बावजूद ब्रेल लिपि और तकनीकी साधनों की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और सफलता हासिल की। नागपुर जिला अधिकारी कार्यालय में उसने कार्यभार संभालते हुए कहा, “मुझे जो जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे मैं ईमानदारी से निभाऊंगी।”
राज्य भर में 941 अनाथ युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्त किया गया है, जो राज्य सरकार की Anukampa और Saralseva Recruitment Process का परिणाम है।
Padmashri Shankarbaba Papalkar का प्रेरणादायक संदेश
इस अवसर पर Padmashri Shankarbaba Papalkar ने कहा, “मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और प्रशासन ने जो पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, वह समाज के कमजोर वर्गों को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।”
उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम न केवल सामाजिक समानता की मिसाल है, बल्कि यह दिखाता है कि राज्य का हर नागरिक सक्षम है, बस उसे अवसर और विश्वास की ज़रूरत है।

प्रशासन की सराहनीय पहल
नागपुर के जिलाधिकारी डॉ. विपीन इटनकर ने माला को उसके विभाग तक स्वयं ले जाकर उसकी कुर्सी पर बैठाया। उन्होंने कहा, “माला की यह सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के लिए आशा की किरण है।”
उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन अब दिव्यांग और अनाथ युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण और सहयोग कार्यक्रम शुरू करेगा ताकि वे मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मनिर्भर बन सकें।
माला पापळकर का आत्मविश्वास
माला ने कहा, “यह सफर मेरे आत्मविश्वास को और मजबूत करने वाला रहा। मैं चाहती हूं कि मेरे जैसी हर लड़की अपने सपनों को साकार करे।” उसने यह भी बताया कि समाज अगर अवसर दे, तो दिव्यांग व्यक्ति किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं।
सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी
इस कार्यक्रम में रोटरी क्लब, उपजिलाधिकारी अनुप खांडे, संपादक श्रीमंत माने, प्राप्ति माने सहित कई सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने सभी नियुक्त युवाओं को बधाई दी और समाज में समावेशिता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
वेब स्टोरी:
एक नई शुरुआत
यह दिन सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया का समापन नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में inclusive development की दिशा में नई शुरुआत है। Padmashri Shankarbaba Papalkar ने कहा, “जब समाज संवेदनशील बनता है, तब ही असली विकास संभव होता है।”
माला पापळकर की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश देती है कि दिव्यांगता कोई बाधा नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास से सब कुछ संभव है।