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Nagpur News: महावितरण कर्मचारियों पर हमला और चेक बाउंस पर सख्ती, दोषियों पर होगा आपराधिक मामला

Nagpur News: महावितरण कर्मचारियों पर हमला और चेक बाउंस पर सख्ती, दोषियों पर होगा आपराधिक मामला
Mahavitaran employee attack cheque bounced criminal case Nagpur: कर्मचारियों पर हमला और चेक बाउंस पर अब सख्त कार्रवाई, दोषियों पर दर्ज होंगे आपराधिक मामले (Image:AI)

Mahavitaran employee attack cheque bounced criminal case Nagpur: नागपुर में महावितरण ने बिजली बिल वसूली के दौरान कर्मचारियों पर हमले और चेक बाउंस की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। अब कर्मचारियों को धमकाने या हमला करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक मामला दर्ज होगा। वहीं चेक बाउंस करने वाले उपभोक्ताओं पर भी निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Asfi Shadab
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महावितरण ने कर्मचारियों की सुरक्षा और बिजली बिल वसूली में अनुशासन बनाए रखने के लिए शुरू की सख्त कानूनी कार्रवाई

Mahavitaran employee attack cheque bounced criminal case Nagpur: नागपुर, 7 मार्च 2026। बकाया बिजली बिल वसूली को लेकर महावितरण ने एक साथ दो बड़े और सख्त फैसले लिए हैं — एक ओर कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज होंगे, तो दूसरी ओर बाउंस चेक देने वाले उपभोक्ताओं पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। नागपुर परिमंडल में महावितरण प्रशासन ने यह दोनों निर्णय एक ही दिन लागू किए हैं।


कर्मचारियों पर हमला – सीधे जेल

बकाया बिल वसूली और बिजली कनेक्शन काटने के दौरान महावितरण के अभियंताओं और कर्मचारियों के साथ कई स्थानों पर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएँ सामने आई हैं। इन्हें अब असहनीय मानते हुए महावितरण ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:

  • धारा 132 — सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य से रोकने हेतु हमला करने पर 5 वर्ष तक की सजा और जुर्माना
  • धारा 121(2) — कर्मचारी को गंभीर चोट पहुँचाने पर 10 वर्ष तक की कठोर सजा
  • धारा 351 — जान से मारने की धमकी देने पर तत्काल FIR और गिरफ्तारी

महावितरण के उपमुख्य जनसंपर्क अधिकारी, नागपुर ने स्पष्ट किया है कि यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा और बिजली व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।


 बाउंस चेक – आपराधिक मुकदमा और दोगुना जुर्माना

नागपुर परिमंडल में अकेले फरवरी 2026 में ₹1 करोड़ 93 लाख 38 हजार 477 रुपये के 1,297 चेक तकनीकी या आर्थिक कारणों से अनादरित (बाउंस) पाए गए हैं। इससे बकाया वसूली लगातार प्रभावित हो रही है। महावितरण ने अब निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत कार्रवाई का निर्णय लिया है।

कानूनी प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

  1. चेक बाउंस होने के 30 दिनों के भीतर उपभोक्ता को विधिवत नोटिस
  2. नोटिस के बाद 15 दिनों में भुगतान न होने पर अगले 30 दिनों में आपराधिक मुकदमा दर्ज
  3. दोषी पाए जाने पर — 2 वर्ष तक की जेल अथवा चेक राशि का दोगुना जुर्माना, या दोनों

इसके अतिरिक्त, बाउंस चेक वाले उपभोक्ताओं की 6 महीने तक चेक से भुगतान की सुविधा बंद कर दी जाएगी और प्रत्येक बिल पर विलंब शुल्क व GST सहित ₹885 का दंड भी वसूला जाएगा।


महावितरण के इन दोनों फैसलों के बाद नागपुर क्षेत्र में बिल वसूली अभियान और अधिक आक्रामक होने की संभावना है — प्रभावित उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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