नागपुर शहर के मानकापुर इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। एक 23 वर्षीय युवती की घर में ही बेरहमी से हत्या कर दी गई और आरोपी ने इस हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई को उजागर कर दिया और पुलिस के सामने असली मामला खुल गया। यह घटना 19 जनवरी को सुबह के समय घटी जब परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर गए हुए थे।
घटना की पूरी कहानी
मानकापुर के गोधनी परिसर में स्थित कलेक्टर कॉलोनी की राजलक्ष्मी सोसायटी में रहने वाले खापेकर परिवार में 19 जनवरी की सुबह एक दर्दनाक घटना घटी। परिवार की सबसे छोटी सदस्य प्राची खापेकर अपने ही घर में मृत पाई गई। यह परिवार शांत और खुशहाल जीवन जीता था। हेमराज खापेकर रेलवे से रिटायर हो चुके हैं और अपनी पत्नी रुख्मिणी के साथ रहते हैं। उनके बेटे और बहू भी इसी घर में रहते हैं।
19 जनवरी की सुबह करीब 11:15 बजे हेमराज खापेकर अपनी पत्नी रुख्मिणी के साथ बैंक के काम से बाहर गए थे। उनका बेटा और बहू भी अपनी ड्यूटी पर निकल चुके थे। घर में उस समय केवल 23 वर्षीय प्राची अकेली थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह दिन परिवार के लिए इतना दुखद साबित होगा।
परिवार की वापसी और डरावना दृश्य
दोपहर करीब 12 बजे जब हेमराज और उनकी पत्नी बैंक से लौटे तो उन्हें घर का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। हालांकि निचली मंजिल का दरवाजा खुला हुआ था। उन्होंने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जब वे अंदर गए तो उन्हें कमरे में टी-टेबल गिरा हुआ मिला और प्राची का मोबाइल फोन वहीं फर्श पर पड़ा था। लेकिन प्राची कहीं नजर नहीं आई।
ऊपरी मंजिल का दरवाजा बंद था और किसी भी तरह से खुल नहीं रहा था। चिंतित होकर हेमराज ने पड़ोसियों की मदद ली। छत के रास्ते से वे पहली मंजिल पर पहुंचे। दरवाजा खटखटाने पर भी अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जब जबरन दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सदमे में आ गए। प्राची पंखे से लटकी हुई थी। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी तस्वीर
शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना। लेकिन जब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया तो डॉक्टरों ने जो पाया वह चौंकाने वाला था। डॉक्टरों ने प्राची के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए। इसके अलावा उनके गले पर लिगेचर मार्क भी मिले जो यह साबित करते थे कि यह कोई साधारण मामला नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया कि प्राची की मौत आत्महत्या से नहीं बल्कि हत्या से हुई थी। किसी ने उनके सिर पर किसी भारी चीज या हथियार से वार किया था। इस वार से वे गंभीर रूप से घायल हो गई थीं या उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपी ने उनके शव को दुपट्टे से पंखे पर लटका दिया ताकि यह आत्महत्या का मामला लगे।
जांच में सामने आए तथ्य
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी ने बहुत ही सोच समझकर यह वारदात को अंजाम दिया। पहले प्राची पर हमला किया गया और फिर उनकी हत्या के बाद शव को पंखे से लटका दिया गया। यह एक सुनियोजित हत्या थी जिसे आत्महत्या के रूप में छिपाने की पूरी कोशिश की गई।
जांच से यह भी पता चला कि आरोपी वारदात के बाद घर के पीछे की ओर से छत के रास्ते भाग निकला। निचली मंजिल का दरवाजा खुला था लेकिन ऊपरी मंजिल का दरवाजा अंदर से बंद था। इससे साफ होता है कि आरोपी ने पहले से ही भागने की योजना बना रखी थी।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
मृतका की मां रुख्मिणी खापेकर की शिकायत पर मानकापुर पुलिस स्टेशन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम भी गठित की है। टीम घटना की हर छोटी से छोटी बात की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कौन था और उसका प्राची से क्या संबंध था। क्या यह कोई जान पहचान का व्यक्ति था या कोई अनजान शख्स। CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है। पड़ोसियों और इलाके के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी की पहचान हो जाएगी और उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में फैली दहशत और आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे मानकापुर इलाके में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। खासकर महिलाएं और युवतियां डरी हुई हैं। कलेक्टर कॉलोनी एक शांत और सभ्य इलाका माना जाता है लेकिन इस तरह की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है।
इलाके के लोग आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि पीड़िता को जल्द न्याय मिले और दोषी को सख्त से सख्त सजा दी जाए। लोगों का कहना है कि अगर एक युवती अपने घर में भी सुरक्षित नहीं है तो यह बहुत चिंता की बात है।
परिवार का दुख
खापेकर परिवार इस दुख से उबर नहीं पा रहा है। एक खुशहाल परिवार अचानक से इतने बड़े सदमे में आ गया है। प्राची उनकी सबसे छोटी सदस्य थी और परिवार का लाडली थी। 23 साल की उम्र में उसका इस तरह से चले जाना परिवार के लिए असहनीय है।
रिश्तेदार और पड़ोसी परिवार को सांत्वना देने आ रहे हैं। लेकिन इस दुख को कोई भी कम नहीं कर सकता। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और चाहता है कि जो भी इस अपराध के लिए जिम्मेदार है उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए।
सुरक्षा पर सवाल
यह घटना शहर में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर एक युवती दिन के उजाले में अपने घर में सुरक्षित नहीं है तो यह बहुत गंभीर मामला है। पुलिस और प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से सोचना होगा। इलाके में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द से जल्द इस मामले को सुलझा लेंगे। सभी सबूतों की जांच की जा रही है और हर संभव कोशिश की जा रही है कि आरोपी को पकड़ा जा सके। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस मामले में सफलता हासिल कर लेगी और पीड़िता परिवार को न्याय मिलेगा।