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Nagpur: सफाई व्यवस्था पर हंगामा, नगरसेवक शैलेष पांडे ने सभागृह के सामने झाड़ू लेकर किया विरोध प्रदर्शन

Nagpur Municipal Corporation Sanitation Issue: नागपुर नगरसेवक ने सफाई कर्मचारी बनकर जताया विरोध
Nagpur Municipal Corporation Sanitation Issue: नागपुर नगरसेवक ने सफाई कर्मचारी बनकर जताया विरोध (X Photo)

Nagpur Municipal Corporation Sanitation Issue: कांग्रेस नगरसेवक शैलेष पांडे ने नागपुर महानगरपालिका की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सफाई कर्मचारी के रूप में झाड़ू लेकर सभागृह के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रभाग 11 में सफाई कर्मचारियों की भारी कमी और प्रशासन की अनदेखी पर उन्होंने महापौर से विशेष बैठक बुलाने की मांग की।

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Nagpur Municipal Corporation Sanitation Issue: नागपुर महानगरपालिका में मंगलवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस के नगरसेवक शैलेष पांडे ने सफाई कर्मचारी के कपड़े पहनकर और हाथ में झाड़ू लेकर कवि भट सभागृह के सामने अपना विरोध जताया। प्रभाग 11 में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ यह कदम उठाया गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें सभागृह के भीतर जाने नहीं दिया, जिसके बाद वे पूरे दिन बाहर ही झाड़ू लगाते रहे।

शैलेष पांडे का कहना है कि निर्वाचित नगरसेवक होने के बावजूद उनके प्रभाग की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सफाई कर्मचारियों की कमी, गंदगी के ढेर, और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को लेकर वे लगातार प्रशासन से मिल रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। इस स्थिति से नाराज होकर उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया।

प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

शैलेष पांडे ने आरोप लगाया कि महापौर नीता ठाकरे और आयुक्त डॉ अभिजीत चौधरी को कई बार निवेदन दिया गया, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। प्रभाग 11 की जनता ने उन्हें सफाई, पेयजल, और सीवेज जैसी बुनियादी समस्याओं को सुलझाने के भरोसे पर चुनकर भेजा है। एक नगरसेवक के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि वे जनता की आवाज उठाएं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता से वे परेशान हैं।

उन्होंने मांग की है कि महापौर को शहर के सभी प्रभागों में सफाई की समस्या पर विशेष बैठक बुलानी चाहिए। इस बैठक में जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। शैलेष पांडे ने चेतावनी दी कि जब तक प्रशासन गंभीर कदम नहीं उठाता, तब तक वे हर बैठक में सफाई कर्मचारी के रूप में ही आते रहेंगे।

सफाई कर्मचारियों की भारी कमी

प्रभाग 11 में लगभग 75 हजार की आबादी है। इतनी बड़ी आबादी के लिए कम से कम 300 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। लेकिन मंगलवारी जोन कार्यालय ने केवल 100 कर्मचारियों की सूची दी है। और दिक्कत यह है कि इन 100 में से रोजाना केवल 60 कर्मचारी ही सफाई करने आते हैं।

बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी बीमार और बुजुर्ग हैं, जिसके कारण वे ठीक से काम नहीं कर पाते। इस वजह से प्रभाग में गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। पाली नदी समेत कई बड़े नालों के आसपास भी सफाई नहीं हो पा रही है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गई है।

सभागृह में प्रवेश पर रोक

मंगलवार को जब शैलेष पांडे सफाई कर्मचारी के कपड़े पहनकर और झाड़ू लेकर सभागृह पहुंचे, तो सुरक्षा गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। महानगरपालिका के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें भीतर प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद शैलेष पांडे सभा की शुरुआत से लेकर अंत तक बाहर ही झाड़ू लगाते रहे।

यह विरोध प्रदर्शन काफी चर्चा में रहा। लोगों ने इसे एक निर्वाचित प्रतिनिधि की मजबूरी के रूप में देखा। कई लोगों ने इस कदम की सराहना की, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक नाटक करार दिया। लेकिन शैलेष पांडे का कहना है कि यह जनता की आवाज है और वे तब तक लड़ते रहेंगे जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता।

विशेष बैठक की मांग

शैलेष पांडे ने महापौर नीता ठाकरे और आयुक्त डॉ अभिजीत चौधरी से विशेष बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस बैठक में शहर के सभी प्रभागों में सफाई की स्थिति पर खुली चर्चा होनी चाहिए। जनता को यह जानने का हक है कि उनके टैक्स का पैसा कहां खर्च हो रहा है और सफाई व्यवस्था क्यों नहीं सुधर रही।

उन्होंने कहा कि यह केवल प्रभाग 11 की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। नागपुर जैसे बड़े शहर में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने होंगे, नहीं तो जनता का गुस्सा और बढ़ेगा।

जनता की उम्मीदें

Nagpur Municipal Corporation Sanitation Issue: प्रभाग 11 की जनता ने शैलेष पांडे को इसलिए चुना था क्योंकि उन्होंने सफाई, पानी, और सीवेज जैसी बुनियादी समस्याओं को सुलझाने का वादा किया था। अब जब वे नगरसेवक बन गए हैं तो जनता उनसे उम्मीद कर रही है कि वे अपने वादों को पूर: करें। लेकिन प्रशासन के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है।

शैलेष पांडे ने साफ कर दिया है कि वे जनता की आवाज बनकर लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक प्रभाग की नहीं, बल्कि पूरे नागपुर की है। सफाई व्यवस्था सुधारना हर नागरिक का हक है और वे इसके लिए हर मंच पर आवाज उठाते रहेंगे।

यह घटना नागपुर महानगरपालिका के लिए एक सवाल खड़ा करती है। क्या प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से ले रहा है? क्या जनता की समस्याओं को सुनने और सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? शैलेष पांडे का यह विरोध प्रदर्शन इन्हीं सवालों का जवाब मांग रहा है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।