नागपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आदिवासी समाज के कल्याण के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। स्व. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था की ओर से एक लाख आदिवासी महिलाओं को जीवन बीमा सुरक्षा देने का संकल्प लिया गया है। यह योजना आदिवासी परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
27 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में श्री गडकरी ने कहा कि आदिवासी और ग्रामीण समाज के शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में स्व. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था योजनाबद्ध तरीके से तेज गति से काम करेगी। संस्था जनजागरण, प्रशिक्षण और सकारात्मक मूल्यों के विकास पर खास ध्यान देगी।
जीवन बीमा योजना की मुख्य बातें
इस जीवन बीमा योजना के तहत एक लाख आदिवासी महिलाओं को कवर किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीमारी, दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहारा देना है। पहले चरण में 33 हजार विद्यार्थियों की माताओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। यह योजना खासतौर पर उन आदिवासी महिलाओं के लिए बनाई गई है जिनके बच्चे एकल विद्यालयों में पढ़ रहे हैं।
योजना के अंतर्गत अगर किसी महिला की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या गंभीर बीमारी हो जाती है, तो उसके परिवार को बीमा की राशि मिलेगी। इससे परिवार को आर्थिक संकट से निपटने में मदद मिलेगी। यह योजना आदिवासी समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
2026 परिवर्तन रोडमैप का विजन
संस्था ने ‘2026 परिवर्तन रोडमैप’ तैयार किया है जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन और आर्थिक कल्याण के समन्वय से आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास की योजना बनाई गई है। यह रोडमैप आदिवासी क्षेत्रों में विकास की एक स्पष्ट दिशा तय करता है। इसके माध्यम से आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
रोडमैप में शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण शामिल है। यह योजना न केवल आदिवासी समाज के भौतिक विकास पर केंद्रित है बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान को भी बनाए रखने पर जोर देती है।
वीसा कार्ड से आर्थिक सशक्तिकरण
सेवा टेक लिमिटेड के सहयोग से एकल विद्यालयों के शिक्षक-पर्यवेक्षकों को “वीसा कार्ड” प्रदान किया जा रहा है। श्री गडकरी ने इसे आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन की शुरुआत बताया। यह कार्ड शिक्षकों को वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगा और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा।
वीसा कार्ड के माध्यम से शिक्षक अपने वेतन का सीधा भुगतान प्राप्त कर सकेंगे और विभिन्न बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह पहल डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देगी और आदिवासी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच में सुधार करेगी। इससे शिक्षकों का जीवन स्तर बेहतर होगा और वे अपने काम पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
मेडिसर्व डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म
स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए ‘मेडिसर्व डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म’ विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और उपचार सुविधा उपलब्ध कराएगा। इस तकनीक से आदिवासी लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
मेडिसर्व प्लेटफॉर्म के माध्यम से मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में संरक्षित रहेगा। डॉक्टर इस रिकॉर्ड को देखकर बेहतर इलाज कर सकेंगे। दूरदराज के इलाकों में जहां अस्पताल नहीं हैं, वहां टेलीमेडिसिन के जरिए परामर्श लिया जा सकेगा। यह सुविधा खासतौर पर आदिवासी महिलाओं और बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होगी।
सेवा नीति कार्ड के फायदे
सेवा नीति कार्ड के माध्यम से आदिवासी परिवारों को दुर्घटना बीमा, अस्पताल में भर्ती होने पर नकद लाभ और अन्य आर्थिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यह कार्ड एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा योजना का हिस्सा है जो आदिवासी समुदाय को हर तरह की आर्थिक मुश्किलों से बचाने के लिए बनाई गई है।
दुर्घटना बीमा के तहत अगर कोई व्यक्ति दुर्घटना में घायल होता है या मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को आर्थिक मदद मिलेगी। अस्पताल में भर्ती होने पर प्रतिदिन के हिसाब से नकद लाभ दिया जाएगा जिससे इलाज के खर्च में मदद मिलेगी। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा और परिवार के अन्य जरूरी खर्चों के लिए भी सहायता राशि दी जाएगी।
ग्रामीण विकास पर जोर
श्री गडकरी ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी समाज का विकास ही विकसित भारत की नींव है। जब तक देश के हर कोने में विकास नहीं पहुंचेगा, तब तक सच्चा विकास संभव नहीं है। आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाना और उन्हें समान अवसर देना सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनके पारंपरिक ज्ञान, कला और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए इन्हें आधुनिक सुविधाएं देना जरूरी है। इसलिए यह योजनाएं ऐसी बनाई गई हैं जो इनकी पहचान को बनाए रखते हुए विकास को बढ़ावा दें।
शिक्षा में गुणवत्ता सुधार
एकल विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की रीढ़ हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संस्था ने तय किया है कि इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें आधुनिक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन कौशल भी सिखाए जाएंगे। खेलकूद, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
समाज में जागरूकता बढ़ाना
संस्था जनजागरण पर विशेष जोर दे रही है। आदिवासी समाज को स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाएगा। गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। महिलाओं और युवाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे अपने समाज में बदलाव के वाहक बन सकें।
नशामुक्ति, स्वास्थ्य और पोषण जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों के टीकाकरण और मां की देखभाल जैसे जरूरी विषयों पर भी जागरूकता फैलाई जाएगी। इससे आदिवासी समाज में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होंगी।
आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में कदम
केवल सरकारी सहायता से विकास संभव नहीं है। इसलिए आदिवासी समुदाय को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कुटीर उद्योग, कृषि आधारित व्यवसाय और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
युवाओं को रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार पा सकें। पलायन रोकने के लिए गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे परिवार एक साथ रह सकेंगे और सामाजिक ताना-बाना मजबूत होगा।
यह पहल आदिवासी समाज के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्व. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी का यह प्रयास न केवल आदिवासी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करेगा बल्कि पूरे समाज को विकास के रास्ते पर ले जाएगा। जब आदिवासी समाज सशक्त होगा, तभी देश का सच्चा विकास संभव होगा।